भोपाल के सरकारी स्कूलों में लगेगी ऑनलाइन अटेंडेंस: ड्रापआउट रेट घटाने के लिए हो रहा नवाचार; 1 सितंबर से लागू होगा नियम

भोपाल। शिक्षकों के साथ अब विद्यार्थी भी ऑनलाइन अटेंडेंस लगाएंगे। शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के बाद अब विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन मॉनीटरिंग के दायरे में लाया जा रहा है। इससे कक्षा में बच्चों की उपस्थिति का आंकलन आसानी से होगा।
9वीं से 12वीं तक लागू होगा नियम
फिलहाल यह व्यवस्था कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं में लागू किया जा रहा है। शिक्षकों को रोज एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज करना होगा कि उनकी कक्षा में कितने बच्चे उपस्थित रहे। इस पूरी कवायद के पीछे मकसद है कि मप्र के किन क्षेत्रों के स्कूलों में ड्रापआउट की समस्या अधिक है।
रोज सात बार होगी समीक्षा
लोक शिक्षण संचालनालय ने इसको लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि प्रतिदिन आने वाले डेटा की सात दिन में एक बार समीक्षा की जाएगी। इसमें तीन चीजों को देखा जाएगा। किस क्षेत्र में बच्चे अधिक अनुपस्थित रहते हैं। किस स्कूल में और किस कक्षा में इनकी संख्या लगातार कम बनी हुई है।
बच्चों के स्कूल न आने का कारण जानेगे अधिकारी
इस डेटा को आधार बनाकर संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी को जिम्मा दिया जाएगा कि वह उस स्कूल या इलाके में जाए और फिर जानने का प्रयास करे कि आखिर बच्चा स्कूल क्यों नहीं आ रहा है। कारण के साथ रिपोर्ट आने के बाद बच्चे की उपस्थिति बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
70% से कम उपस्थिति वाले स्कूल होंगे रेड जोन
प्रदेश में 400 हाईस्कूल और 5100 हायर सेकंडरी स्कूल हैं। इनमें 26 लाख विद्यार्थी स्कूलों में पढ़ रहे है। पोर्टल पर इन्हीं की निगरानी होगी और आने वाले डेटा में से जिन इलाकों में 70% से कम उपस्थिति होगी, वे रेड जोन में आ जाएंगे। 50% से कम वाले ग्रे जोन और 80% से ऊपर वाले स्कूल ग्रीन जोन में जाएंगे।
रिजल्ट 95% अभियान के लिए हो रहा नवाचार
पोर्टल के माध्यम से यह अलग-अलग दिखाई देंगे। रिजल्ट बढ़ाना मकसद लोक शिक्षण संचालनालय इस साल रिजल्ट 95% अभियान शुरू करने वाला है। इसी के लिए बच्चों की उपस्थिति की मॉनीटरिंग पर काम शुरू हो गया है। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है और अगस्त महीने में शिक्षकों से इसका फीडबैक लेकर सुधार किया जाएगा।
1 सितंबर से होगा लागू
इन सुधारों के साथ 1 सितंबर से इसे शत प्रतिशत लागू करने की तैयारी है। इसमें विद्यार्थियों के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई है। इसमें उपस्थिति, अनुपस्थिति और अवकाश पर पहले संख्या बताई जाएगी और फिर एक-एक बच्चे की नाम वार उपस्थिति दर्ज की जाएगी।