अधजले शव के कॉलर टैग से हुआ हत्या का खुलासा: शिकारियों ने करंट लगने के बाद छिपाई थी लाश; 3 आरोपी गिरफ्तार

कटनी। महाशिवरात्रि के दिन सिद्ध बाबा रोड के पास जली हुई हालत में मिले अज्ञात युवक के शव के अंधी हत्या का बहोरीबंद पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। मात्र एक दर्जी (टेलर) के कॉलर टैग के सहारे पुलिस ने न केवल मृतक की पहचान की, बल्कि शिकारी गिरोह द्वारा बिजली के करंट से हुई दुर्घटना को छिपाने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
दिनांक 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि त्यौहार के दौरान बहोरीबंद थाना अंतर्गत सिद्ध बाबा रोड स्टॉप डैम की मेढ़ पर बांस के भीरे में एक अज्ञात पुरुष (उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष) का सड़-गला और अधजला शव बरामद हुआ था। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया।
पीएम व प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अज्ञात व्यक्ति की कहीं और हत्या कर साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को जलाने का प्रयास किया गया और फिर बांस के झुरमुट में लाकर छिपा दिया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 92/2026 धारा 103(1), 238 BNS का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया था।
कॉलर के टैग से मिली पहली सफलता
कटनी पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में बहोरीबंद पुलिस ने पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान मृतक के बदन पर मौजूद शर्ट की पीछे वाली कॉलर पर “RS टेलर्स मझौली” लिखा टैग चिपका मिला।
पुलिस ने ग्राम मझौली पहुंचकर RS टेलर्स का पता लगाया, जहां जानकारी मिली कि उक्त दुकान करीब 5 वर्ष पहले ही बंद हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और मझौली व आसपास के गांवों में पतारसी जारी रखी। इसी दौरान पडवार निवासी गोपाल बर्मन ने थाने आकर कपड़ों को देखा और जेब में रखी सूखी पत्ती देखकर आशंका जताई कि यह शव उसके लापता बेटे दुर्गा बर्मन का हो सकता है।
DNA टेस्ट से हुई पुष्टि एवं जंगल से मिले सबूत
- DNA मिलान: पहचान सुनिश्चित करने के लिए गोपाल बर्मन का ब्लड सैंपल लेकर अज्ञात मृतक से DNA परीक्षण कराया गया, जो पॉजिटिव आया और सिद्ध हुआ कि शव गोपाल बर्मन के बेटे दुर्गा बर्मन का ही था।
- जंगल की तलाशी: पिता से पूछताछ में पता चला कि दुर्गा कोल्हैया देव के जंगल में घूमता-फिरता था और सूखी पत्तियां/जड़ी-बूटियां खाता था। जंगल में महुए के पेड़ के पास सर्चिंग करने पर मृतक के रेडियो के सेल, गुलेल और अधजले कपड़े बरामद हुए।
शिकार के लिए बिछाया था करंट का जाल
मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को सूचना मिली कि पडवार व खितौला क्षेत्र के कुछ लोग कोल्हैया देव के जंगल में अवैध रूप से बिजली का तार फैलाकर जंगली जानवरों (सुअर, खरहा) का शिकार करते हैं। पुलिस ने संदेह के आधार पर धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव, धर्मेंद्र उर्फ धम्मु गोटिया एवं सुखदेव उर्फ सुक्के यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि महाशिवरात्रि की रात करीब 8 बजे उन्होंने शिकार के लिए करंट का तार लगाया था। रात 1 से 2 बजे के बीच जब कोई जानवर नहीं फंसा, तो वे तार समेटने लगे। तभी महुए के पेड़ के पास उन्होंने देखा कि दुर्गा बर्मन करंट की चपेट में आने से पूरी तरह जलकर मरा पड़ा था और उसके कपड़े भी जल चुके थे।
बाइक पर बीच में रखकर 15 किमी दूर फेंका शव
पहचान होने पर पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की साजिश रची। आरोपी धर्मेंद्र उर्फ टिक्कू यादव और धर्मेंद्र उर्फ धम्मु गोटिया ने दुर्गा के शव को बाइक के बीच में बैठाया। टिक्कू बाइक चला रहा था और धम्मु पीछे से शव को पकड़े हुए था। वे पडवार, प्रेमनगर, जोहली, रोसरी और बचैया होते हुए लगभग 15 किलोमीटर दूर बचैया मोड़ सिद्ध बाबा के पास पहुंचे और शव को बांस के भैरा में फेंककर छिपा दिया।