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पीथमपुर में अस्पताल अब तक अधूरा: 40-50 मजदूरों की तबीयत बिगड़ने पर इंदौर रेफर किया; केंद्रीय मंत्री से 200 बेड की मांग

पीथमपुर। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में लाखों मजदूरों के स्वास्थ्य से जुड़ा कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल वर्षों से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी के कारण मजदूरों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।

इसे लेकर पीथमपुर प्रेस क्लब, धार जिला इंजीनियरिंग ऑटोमोबाइल कामगार सेना और मराठी समाज कल्याण समिति ने संयुक्त रूप से केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया को ज्ञापन भेजकर अस्पताल का निर्माण जल्द पूरा कराने और इसे शुरू कराने की मांग की है।

घटना ने उजागर की स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
निजी कंपनी के 40 से 50 मजदूरों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। स्थानीय स्तर पर ESIC अस्पताल शुरू नहीं होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद 30 से 40 किलोमीटर दूर इंदौर रेफर करना पड़ा। स्थानीय संगठनों का कहना है कि ऐसी स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिलने से मजदूरों की जान जोखिम में पड़ जाती है।

100 नहीं, 200 बेड का अस्पताल बनाने की मांग
संदीप रघुवंशी ने कहा कि पीथमपुर देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है और यहां से सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद 100 बेड का ESIC अस्पताल पिछले चार-पांच वर्षों से अधूरा है। उन्होंने मांग की कि अस्पताल का निर्माण जल्द पूरा कर इसका लोकार्पण किया जाए और बढ़ती श्रमिक आबादी को देखते हुए इसकी क्षमता 200 बेड की जाए।

भर्ती और उपकरणों की तैयारी भी साथ शुरू करने की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्ष 2012 से प्रस्तावित अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। साथ ही अस्पताल शुरू होने से पहले ही मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, उप-निदेशक, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और संसाधनों की खरीद भी समय रहते पूरी करने की मांग की गई है, ताकि श्रमिकों को इलाज के लिए इंदौर पर निर्भर न रहना पड़े।

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