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क्लासरूम में आएगा AI का दौर: इंदौर में ‘विद्या शक्ति’ शुरू; शिक्षक अब AI से बनाएंगे लेक्चर प्लान और जांचेंगे कॉपियां

इंदौर। शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने के लिए ‘विद्या शक्ति’ अभियान के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। पहले चरण में कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से शिक्षक लेक्चर प्लान, होमवर्क, कॉपी जांच और विद्यार्थियों के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के सफल रहने पर इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि AI के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, रोचक और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि IIT चेन्नई की टीम के सहयोग से जिले में पारंपरिक शिक्षण पद्धति में नवाचार किया जा रहा है।

लेक्चर प्लान से कॉपी जांच तक मिलेगी AI की मदद
कलेक्टर ने बताया कि AI आधारित एप की मदद से शिक्षक लेक्चर प्लान, क्लासवर्क और होमवर्क तैयार कर सकेंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का विश्लेषण और मूल्यांकन भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। इससे शिक्षकों का समय बचेगा और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

एनिमेशन से आसान होंगे विज्ञान और गणित के कठिन विषय
उन्होंने कहा कि AI के जरिए विज्ञान और गणित जैसे विषयों के जटिल सिद्धांतों को एनिमेशन और विजुअल मॉडल के माध्यम से सरल बनाया जाएगा। गैस के अणुओं की गति, विद्युत धारा का प्रवाह और रासायनिक प्रक्रियाओं जैसे विषयों को विद्यार्थी आसानी से समझ सकेंगे, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ बेहतर होगी।

पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों के बाद होगा विस्तार
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि फिलहाल इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसके परिणामों के आधार पर भविष्य में इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद IIT चेन्नई की ‘विद्या शक्ति’ टीम ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों का सतत मार्गदर्शन करेगी और फीडबैक के आधार पर मॉडल को और प्रभावी बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के भविष्य की नींव है। शिक्षक जितना अधिक नई तकनीक का उपयोग करेंगे, विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया उतनी ही बेहतर होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर शिक्षा में नवाचार का मॉडल बनेगा और भविष्य में अन्य जिले भी इस पहल को अपनाएंगे।

कार्यक्रम में अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, ओपन मेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी एवं ‘विद्या शक्ति’ परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी. नागराजन, शिवाय सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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