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रूपगढ़ में ग्रामीणों ने मिलकर लगाए 300 पौधे: भीली गीतों के साथ हुआ पौधरोपण; पहले सूखी पड़ी थी जमीन

झाबुआ | थांदला तहसील की ग्राम पंचायत रूपगढ़ स्थित बाबी सावन माता थानक पर रविवार को सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल देखने को मिली। शिवगंगा समग्र ग्राम विकास परिषद से प्राप्त पौधों का रोपण ग्रामीणों ने पारंपरिक हलमा परंपरा के तहत सामूहिक श्रमदान कर किया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के 300 से अधिक पौधे लगाए गए।

बुजुर्ग और युवा एक साथ उतरे मैदान में
पौधरोपण अभियान में गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर गड्ढे खोदे और पौधे रोपे। इस दौरान ग्रामीणों ने भीली भाषा में पारंपरिक गीत गाकर अपनी खुशियां व्यक्त कीं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पूरे आयोजन में सामूहिक भागीदारी और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

ग्रामीण जयसिंग गणावा ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र लंबे समय से खाली होने के कारण सूना दिखाई देता था। इसे फिर से हरियाली से आच्छादित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सभी ग्रामीणों ने मिलकर यह अभियान चलाया।

कार्यक्रम में अकलेश रावत, सेता अमलियार, नरसिंह डामोर, शैतान मईडा, जीवन डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया।

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