पीथमपुर में खुले में जल रहा औद्योगिक कचरा, जहरीले धुएं से फैक्ट्रियां और श्रमिक प्रभावित; कार्रवाई की मांग तेज

पीथमपुर (धार)। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खुले में कचरा डंप कर जलाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। औद्योगिक क्षेत्र की कई कंपनियों के पास कचरा प्रसंस्करण (Waste Processing) के नियम एवं उपकरण न होने के कारण चोरी-छिपे खुले में कचरा फेंककर आग लगाई जा रही है। इस लापरवाही से उठने वाले जहरीले धुएं से न केवल पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि आसपास संचालित अन्य फैक्ट्रियों के उत्पादन और श्रमिकों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
कचरे की आग और धुएं से प्रभावित हो रही बायो स्पिनिंग’ कंपनी के प्रतिनिधि द्विजेश चौबे ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि बाहर से आकर दूसरी कंपनियों के लोग यहां खुले में कचरा डाल जाते हैं और फिर उसमें आग लगा दी जाती है। कॉटन से धागा बनाने वाली उनकी कंपनी का काम और उत्पादन इस जहरीले धुएं के कारण सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नगर पालिका प्रशासन भी हरकत में आ गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) आरती गरवाल ने बताया कि इंडस्ट्री द्वारा खुले औद्योगिक क्षेत्र में वेस्ट फैलाने की शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत करवाया जा रहा है। इसके साथ ही नगर पालिका के कर्मचारी धरातल पर जानकारी जुटा रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, प्रदूषण से परेशान उद्योगपति कचरा जलाने की जगह के फोटो और वीडियो साक्ष्यों के साथ मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के इंदौर एवं धार स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, जहां से जानकारी मिली कि इस विषय पर बात करने के लिए इंदौर स्थित आईटी पार्क के मुख्य कार्यालय आना होगा। प्रभावित उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि सेक्टर-3 का तत्काल भौतिक निरीक्षण कर खुले में कचरा जलाने वाली दोषी कंपनियों पर भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।