मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ी जंग! ट्रम्प बोले- आज रात फिर करेंगे बड़ा हमला; 80 से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक: जवाब में ईरान ने दागीं मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को नॉटो समिट के दौरान कहा कि अमेरिका आज रात ईरान पर फिर से बड़े हमले कर सकता है। उन्होंने इससे पहले कहा था कि अब वह ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते। ट्रम्प ने कहा कि हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया था और संभव है कि आज रात फिर से हमला करें। ईरान मिडिल ईस्ट में दबाव बनाता रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहेगा। अमेरिका ने मंगलवार देर रात ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।
ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान के नेता बातचीत के दौरान शांति समझौते के लिए तैयार दिखाई देते हैं, लेकिन बाद में अपने वादे से पीछे हट जाते हैं। दरअसल, ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में तीन जहाजों को निशाना बनाया था। ईरान ने बताया कि यह हमले इसलिए किए गए क्योंकि होर्मुज से कमर्शियल जहाज उनके बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे थे। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि ईरान का यह कदम एक गलती थी। हालांकि, मैक्रों ने भरोसा जताया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आगे भी जारी रहेगी। वहीं दूसरी तरफ ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने कहा कि ट्रम्प के बयानों का जवाब ईरान जरूर देगा। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी ट्रम्प की धमकियों की निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी हमले समझौते का खुला उल्लंघन हैं। इससे आगे बातचीत की राह और मुश्किल हो गई है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट का संचालन ईरान और खाड़ी क्षेत्र के संबंधित देशों के अधिकार में है और इसे वही संभालेंगे।
ट्रम्प बोले- ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाएंगे
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने बुधवार को एक बार फिर ईरान के अहम नागरिक ढांचे पर हमले की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका बड़े पैमाने पर हमला करेगा। नॉटो समिट के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ बैठक में ट्रम्प ने कहा, यह बहुत बड़ा हमला हो सकता है और इससे कई अहम ठिकाने तबाह हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान के बिजली संयंत्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है। मैं ऐसा नहीं करना चाहता, लेकिन अगर करना पड़ा तो हम उन्हें खत्म कर देंगे। उन्होंने खार्ग द्वीप का भी जिक्र किया, जो ईरान के तेल निर्यात का सबसे अहम केंद्र है। ट्रम्प ने दावा किया कि मंगलवार रात अमेरिका ने वहां हमला किया था। उन्होंने कहा मैंने सेना से कहा था कि तेल को मत छूना, क्योंकि हो सकता है कि हम बाद में खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें। मैंने कहा था कि पाइपलाइन को मत निशाना बनाना, बाकी सब पर हमला करो।
नॉटो चीफ बोले- ईरान पर अमेरिकी हमले जरूरी थे
नॉटो चीफ मार्क रुट ने बुधवार को ईरान पर अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कारोबारी जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका की कार्रवाई बिलकुल जरूरी थी। तुर्किये की राजधानी अंकारा में नॉटो समिट से पहले रुट ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14-पॉइंट समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत संघर्ष विराम लागू था, लेकिन ईरान ने उसका उल्लंघन किया।
80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया
अमेरिका सेंट्रल कमांड के मुताबिक, सटीक हथियारों का इस्तेमाल कर ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अमेरिका का कहना था कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी, जिसके लिए वॉशिंगटन ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरान के महत्वपूर्ण सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था। इस कार्रवाई में एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम और ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा मिलिट्री बोट्स को नष्ट कर दिया गया।
85 से ज्यादा टारगेट्स हिट किए
अमेरिका कार्यवाही के बाद ईरानी मीडिया ने बताया कि सीरिक, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में तेज धमाकों के साथ कई जगहों पर भीषण आग लग गई। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। वॉशिंगटन ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने बहरीन और कुवैत में अमेरिका सैन्य ठिकानों पर 85 से ज्यादा टारगेट्स हिट करने का दावा किया था। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘X’ (ट्विटर) पर अमेरिका पर सीजफायर समझौते की पांच शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। गालिबाफ के अनुसार, अमेरिका ने होर्मुज में ईरान के अधिकारों में दखल दिया, लगातार सैन्य हमलों की धमकी दी, ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध फिर से लागू किए, दक्षिणी ईरान पर एयरस्ट्राइक की और लेबनान में जारी इजराइली सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया।