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मध्यप्रदेश सरकार जुलाई-सितंबर में लेगी 18,600 करोड़ का नया कर्ज, कुल देनदारी 5 लाख करोड़ के पार

मध्यप्रदेश सरकार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के दौरान 18,600 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही प्रदेश पर कुल कर्ज 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

सरकार की वित्तीय स्थिति पर बढ़ते दबाव के बीच आगामी तीन महीनों में चरणबद्ध तरीके से यह कर्ज लिया जाएगा। विभिन्न अवधियों के लिए जारी किए जाने वाले इस कर्ज उपयोग राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।

जुलाई में 3,600 करोड़ रुपये का कर्ज

RBI द्वारा स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई को राज्य सरकार 1,600 करोड़ रुपये और 2,000 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग कर्ज लेगी। दोनों की अवधि अलग-अलग निर्धारित की गई है।

अगस्त में 7,000 करोड़ रुपये उधार

अगस्त महीने में सरकार कुल 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। इसके तहत 5 अगस्त को 1,600 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपये के कर्ज लिए जाएंगे। इसके बाद 19 अगस्त को 1,400 करोड़ रुपये तथा 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया जाएगा।

सितंबर में सबसे ज्यादा 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज

सितंबर में सरकार सबसे अधिक 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार 2 सितंबर को 1,600 करोड़ रुपये और 2,000 करोड़ रुपये के कर्ज लिए जाएंगे। इसके बाद 16 सितंबर को 1,000 करोड़, 1,400 करोड़ और 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लिया जाएगा। वहीं 30 सितंबर को एक बार फिर 1,600 करोड़ रुपये और 2,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठाया जाएगा।

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