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MP UCC News: मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी तेज, भोपाल में महाबैठक

भोपाल। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य सरकार द्वारा गठित यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी सोमवार को राजधानी भोपाल में विभिन्न वर्गों, राजनीतिक दलों, धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा कर सुझाव एकत्र कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार आगामी मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत कर सकती है।

यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जस्टिस देसाई की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक भोपाल स्थित नोरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में आयोजित की गई है। बैठक का उद्देश्य ऐसा संतुलित और व्यापक कानून तैयार करना है, जो समाज के सभी वर्गों के अधिकारों और हितों की रक्षा करते हुए समान नागरिक व्यवस्था सुनिश्चित कर सके।

बैठक में गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अपने सुझाव प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों के साथ भी अलग-अलग संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं।

राज्य महिला आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अल्पसंख्यक आयोग समेत कई संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है। कानून विशेषज्ञ, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी अपने सुझाव दे रहे हैं।

सरकार ने आम नागरिकों से भी ऑनलाइन माध्यम से सुझाव मांगे हैं, जिनकी अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित की गई है। प्राप्त सुझावों और बैठकों में सामने आए विचारों के आधार पर यूसीसी के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सरकार आगामी मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक ला सकती है। विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने की संभावना है, ऐसे में भोपाल में आयोजित यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड का उद्देश्य विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करना है। वर्तमान में विभिन्न धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। यूसीसी को संविधान के अनुच्छेद 44 से भी जोड़ा जाता है, जिसमें राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया गया है। अब मध्य प्रदेश को इस दिशा में अगला बड़ा राज्य माना जा रहा है। प्रस्तावित कानून का प्रभाव राज्य की सामाजिक संरचना, महिला अधिकारों और न्यायिक व्यवस्था पर दूरगामी रूप से पड़ सकता है।

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