मध्यप्रदेश बनेगा पहला ई-व्हीकल फ्रेंडली राज्य: भोपाल नगर निगम के अफसर अब इलेक्ट्रिक वाहनों से करेंगे शासकीय कार्य
भोपाल नगर निगम शासकीय कार्यों के लिए 50 इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेगा और 30 चार्जिंग स्टेशन भी बनाएगा। ऐसा करने वाला भोपल प्रदेश का पहला नगरीय निकाय बनेगा। नई व्यवथा के लागु होते ही भोपाल प्रदेश का पहला ऐसा नगरीय निकाय बन जाएगा और शासकिय कार्यों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इन अफसरों को मिलेगी ई – व्हीकल गाड़ियां
- नगर निगम आयुक्त
- अपर आयुक्त
- उपायुक्त
- सहायक आयुक्त
30 नए चार्जिंग स्टेशनों की मिलेगी सौगात
नगर परिवहन विभाग ने इन गाड़ियों की उपलब्धता , संचालन और मेंटेनेंस के काम के साथ- साथ वाहनों को सड़कों पर आने के पहले उनकी चार्जिंग की पूरी व्यवस्था भी की जा रही है। नगर निगम कार्यालयों और शहर के प्रमुख जगहों पर 30 नए चार्जिंग स्टेशन बनाएं जाएंगे।
नगर निगम विद्द्युत शाखा के कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्दी ही चार्जिंग सटशन बनने का काम शुरू हो गया है।
मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति
मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति – 2025 को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। बता दें की यह नीति 27 मार्च 2025 से लागू की गई कर दी गई थी। इसमें सरकारी विभागों और संस्थाओ में इलेक्ट्रिक वाहनों को इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई।
2500 ई-वाहनों का साझा बेड़ा
इस पूरे प्रोजेक्ट में भोपाल स्मार्ट सिटी भी एक व्=बड़ा रोल निभाने जा रही है। स्मार्ट सिटी एक ईवी एग्रोगेटर के रूप में काम करेगी।
साथ ही अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए लगभग 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का एक ऐसा साँझा बेड़ा तैयार करेगी। .
खास बात ये है कि गाडियां सरकारी विभागों को किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विभागों को खुद नई गाड़ियां खरीदने की लंबी और उबाऊ कागजी प्रक्रिया से मुक्ति मिल जाएगी।
