‘मैं वापस आऊंगा’ की कहानी पर बोले इम्तियाज अली, कहा- विभाजन की सच्ची घटनाओं से मिली प्रेरणा
मुंबई। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Imtiaz Ali इन दिनों अपनी चर्चित फिल्म Main Wapas Aaunga को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने फिल्म की कहानी और इसके पीछे की प्रेरणा को लेकर खुलकर बात की। इम्तियाज ने बताया कि यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन से जुड़ी वास्तविक घटनाओं और भावनात्मक अनुभवों से प्रेरित है।
निर्देशक के अनुसार शुरुआत में उनकी इस विषय पर फिल्म बनाने की कोई योजना नहीं थी। हालांकि Amar Singh Chamkila पर काम करने के दौरान उन्हें विभाजन से जुड़े कई मार्मिक किस्से और अनुभव सुनने को मिले, जिन्होंने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। यही अनुभव आगे चलकर ‘मैं वापस आऊंगा’ की कहानी का आधार बने।
दिलजीत को कास्ट करने की बताई वजह
इम्तियाज अली ने फिल्म में Diljit Dosanjh को मुख्य भूमिका देने के पीछे की वजह भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार Shah Rukh Khan ने दिलजीत की अभिनय क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें देश के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताया था। इस बात ने उनके विश्वास को और मजबूत किया कि दिलजीत इस किरदार के लिए सबसे उपयुक्त कलाकार हैं।
‘अमर सिंह चमकीला’ के बाद यह इम्तियाज अली और दिलजीत दोसांझ की दूसरी फिल्म है। निर्देशक ने संकेत दिए कि दिलजीत अब उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हो गए हैं, जिनके साथ वह भविष्य में भी लगातार काम करना चाहेंगे।
दर्शकों को पसंद आ रही भावनात्मक कहानी
हालांकि फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन इसकी कहानी और भावनात्मक प्रस्तुति को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म में विभाजन के दौर की पीड़ा, बिछड़ने का दर्द और उम्मीद की भावना को संवेदनशील तरीके से दिखाने का प्रयास किया गया है।
फिल्म समीक्षकों का मानना है कि ‘मैं वापस आऊंगा’ केवल एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक भारत-पाकिस्तान विभाजन की मानवीय कहानियों को सामने लाने का प्रयास भी है। यही कारण है कि फिल्म भावनात्मक रूप से दर्शकों को जोड़ने में सफल होती दिखाई दे रही है।
इम्तियाज अली की यह फिल्म एक बार फिर साबित करती है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि इतिहास, भावनाओं और समाज की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त जरिया भी है।
