G7 से पहले कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, मोदी-ट्रंप मुलाकात में राष्ट्रीय हितों के मुद्दे उठाने की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 17 जून को फ्रांस में प्रस्तावित मुलाकात से पहले कांग्रेस ने केंद्र सरकार से भारत के राष्ट्रीय हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि भारत को व्यापार समझौते, भारतीय नाविकों की मौत और अमेरिकी प्रशासन के हालिया रुख जैसे विषयों पर अपनी चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए।
जयराम रमेश ने उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से होने वाली मुलाकात महत्वपूर्ण है और देश जानना चाहता है कि क्या भारत अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत में प्रयुक्त भाषा और अमेरिका के हालिया रवैये पर भी सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
व्यापार समझौते को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस ने भारत-अमेरिका के प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भी सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर के प्रस्तावित भारत दौरे से पहले सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि समझौते की शर्तें भारतीय किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों को प्रभावित नहीं करेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था को लेकर न्यायिक फैसलों के बावजूद भारत सरकार ने समझौते की शर्तों की समीक्षा नहीं की है, जो चिंता का विषय है।
500 अरब डॉलर की खरीदारी वाले बयान पर सवाल
कांग्रेस नेता ने अमेरिकी पक्ष की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया जिसमें भारत द्वारा अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी सामान खरीदने की संभावित प्रतिबद्धता की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से कई गंभीर आर्थिक और रणनीतिक प्रश्न खड़े होते हैं।
मनीष तिवारी ने भी सरकार से की मांग
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी केंद्र सरकार से अमेरिका के समक्ष भारत की चिंताओं को मजबूती से रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में कई ऐसे मुद्दे सामने आए हैं, जिनसे भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की स्थिति बनी।
उन्होंने भारतीय नागरिकों की वापसी, व्यापारिक शुल्क, तथा आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों के प्रति अमेरिकी रुख जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अपने हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट और दृढ़ नीति अपनानी चाहिए।
जी7 सम्मेलन के बीच अहम होगी मुलाकात
कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रस्तावित मुलाकात केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव भारत के आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक हितों पर भी पड़ सकता है।
पार्टी ने उम्मीद जताई कि भारत इस अवसर का उपयोग अपने राष्ट्रीय हितों, आर्थिक प्राथमिकताओं और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से रखने के लिए करेगा। जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान होने वाली यह बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
