वैश्विक ऑनलाइन योग सत्र ने रचा इतिहास, 4.35 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ किया योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयोजित एक वैश्विक ऑनलाइन योग सत्र ने नया इतिहास रच दिया। रविवार सुबह आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दुनिया भर से 4,35,831 लोगों ने एक साथ ऑनलाइन योगाभ्यास किया। पिछले वर्ष इसी कार्यक्रम में 2,46,452 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिससे इस बार सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
योग बन चुका है वैश्विक जन आंदोलन: आयुष मंत्री
इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप राव जाधव ने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने की एक प्रभावी जीवनशैली है। उन्होंने युवाओं से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और परिवार, मित्रों तथा समाज को भी इससे जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग आज एक वैश्विक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। यूट्यूब लाइव स्ट्रीम के माध्यम से लाखों लोगों की सहभागिता ने भारत की सामूहिक योग शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
‘योग365’ अभियान पर जोर
आयुष मंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘योग365’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि योग को केवल 21 जून तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि वर्ष के 365 दिनों तक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार है।
21 जून को कोलकाता से होगा मुख्य कार्यक्रम
आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता से करेंगे।
उन्होंने देश और दुनिया के लोगों से अपील की कि जो लोग कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकते, वे वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री के साथ योग करें और अपने योगाभ्यास की तस्वीरें #HarGharYoga अभियान के तहत सोशल मीडिया पर साझा करें।
100 दिनों से चल रहे हैं ऑनलाइन योग सत्र
आयुष मंत्रालय के अनुसार योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंत्रालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लगातार 100 दिनों तक मुफ्त ऑनलाइन लाइव योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों को देश और विदेश के लाखों लोग नियमित रूप से देख और अपनाते रहे हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर बढ़ता भारत
हैबिल्ड के संस्थापक के मार्गदर्शन में आयोजित इस वैश्विक योग सत्र में मिली अभूतपूर्व भागीदारी को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम ने एक बार फिर दुनिया के सामने योग के प्रति बढ़ती जागरूकता और भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता को प्रदर्शित किया है।
योग के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि यह दर्शाती है कि भारत की प्राचीन परंपरा आज स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण के लिए पूरी दुनिया में प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
