विश्व मंच पर मजबूत हुई भारत की सांस्कृतिक पहचान, विदेश मंत्रालय ने गिनाईं प्रमुख उपलब्धियां
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान और सभ्यतागत मूल्यों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है, बल्कि अपनी समृद्ध ज्ञान परंपरा को भी विश्व समुदाय के साथ साझा कर रहा है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने बताया कि भारत की अनेक सांस्कृतिक परंपराओं को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है। इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर नई मान्यता प्राप्त हुई है।
विश्व धरोहर और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत के कई नए स्थलों को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त हुआ है। साथ ही विदेशों में पहुंच चुकी कई प्राचीन और बहुमूल्य भारतीय कलाकृतियों की स्वदेश वापसी भी सुनिश्चित की गई है। इसे भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पारंपरिक चिकित्सा को मिला वैश्विक मंच
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी दिशा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना भारत में की गई है। इससे भारतीय चिकित्सा ज्ञान, आयुर्वेद और पारंपरिक उपचार पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई स्वीकृति मिली है।
योग बना वैश्विक जनआंदोलन
उन्होंने कहा कि भारत की पहल पर शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। वर्तमान में 175 देशों में योग दिवस का आयोजन किया जाता है, जिसके माध्यम से योग, भारतीय जीवन-दर्शन और स्वास्थ्य संबंधी संदेश दुनिया भर तक पहुंच रहे हैं।
विश्व समुदाय को प्रेरित कर रहा भारत
विदेश मंत्रालय का कहना है कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान के प्रसार और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से भारत अपनी सभ्यतागत पहचान को और मजबूत कर रहा है। भारतीय संस्कृति, परंपराएं और जीवन मूल्य आज भी विश्व स्तर पर शांति, संतुलन, सहअस्तित्व और मानव कल्याण का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारत की बढ़ती सांस्कृतिक उपस्थिति को वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे देश की सॉफ्ट पावर लगातार मजबूत हो रही है।
