BRICS कृषि मंत्रियों को भाया मांडू, जल संरक्षण तकनीक और बाग प्रिंट कला ने किया प्रभावित
इंदौर में 9 से 13 जून तक आयोजित BRICS कृषि सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों से आए कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को धार जिले की ऐतिहासिक नगरी मांडू का भ्रमण किया। “पूर्व का शिराज” कहलाने वाले मांडू की अद्भुत स्थापत्य कला, प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली और सांस्कृतिक विरासत ने विदेशी प्रतिनिधिमंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जिला प्रशासन द्वारा विदेशी मेहमानों का पारंपरिक मालवी अंदाज में पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक स्वागत किया गया। आदिवासी नृत्य दलों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। ढोल और थाली की थाप पर प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य को देखकर विदेशी प्रतिनिधि भी स्वयं को रोक नहीं पाए और कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए।
बाग प्रिंट कला ने खींचा ध्यान
जहाज महल के मुख्य द्वार पर आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा लगाए गए बाग प्रिंट स्टॉल का विदेशी मेहमानों ने अवलोकन किया। प्रतिनिधियों ने बाग प्रिंट की पारंपरिक कला को करीब से समझा और शिल्पकारों द्वारा दिए गए प्रदर्शन को देखा। कई प्रतिनिधियों ने स्वयं भी बाग प्रिंट के सांचे से डिजाइन तैयार कर इस कला का अनुभव लिया। शिल्पकारों ने उन्हें स्मृति स्वरूप बाग प्रिंट उत्पाद भी भेंट किए।
जहाज महल और जल संरक्षण प्रणाली की सराहना
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले जहाज महल का भ्रमण किया। मूंज और कपूर तालाब के बीच स्थित इस ऐतिहासिक महल की अनूठी संरचना को देखकर सभी मेहमान प्रभावित हुए। अधिकृत गाइड ने उन्हें मांडू की लगभग 500 वर्ष पुरानी जल प्रबंधन प्रणाली की जानकारी दी, जिसकी BRICS देशों के प्रतिनिधियों ने खुलकर प्रशंसा की।
संरक्षण प्रयोगशाला में जानी पारंपरिक तकनीक
विदेशी मेहमानों ने जहाज महल परिसर स्थित संरक्षण प्रयोगशाला का भी अवलोकन किया। यहां उन्हें पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाने वाले मोर्टार की निर्माण प्रक्रिया बताई गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि टूटी ईंट, गोंद, कबिट, मेथी दाना और उड़द जैसी सामग्री से तैयार यह मोर्टार ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और मजबूती के लिए उपयोग किया जाता है।
लाइट एंड साउंड शो ने सुनाया गौरवशाली इतिहास
शाम के समय जहाज महल परिसर में आयोजित भव्य लाइट एंड साउंड शो ने विदेशी प्रतिनिधियों को मांडू के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया। शो में राजा भोज से लेकर विभिन्न सुल्तानों के शासनकाल तक की ऐतिहासिक घटनाओं को आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया।
मालवा के स्वाद से हुआ स्वागत
ऐतिहासिक भ्रमण के बाद जिला प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में विशेष गाला डिनर का आयोजन किया गया। मेहमानों को मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाटी, दाल-पानिया सहित विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद परोसा गया। सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम ने शाम को और भी यादगार बना दिया।
मांडू की विरासत से प्रभावित हुए विदेशी प्रतिनिधि
भ्रमण के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मांडू केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दौर में प्राचीन जल संरक्षण तकनीकों का एक जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने मांडू की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और मालवा की मेहमाननवाजी की सराहना की।
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, विधायक नीना वर्मा, इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
