जनसुनवाई में पार्षद कुणाल सोलंकी ने उठाए चार बड़े मुद्दे, नर्मदा जल योजना का भी दिया प्रस्ताव

जनसुनवाई में क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर पहुंचे पार्षद कुणाल सोलंकी

इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पार्षद कुणाल सोलंकी ने अपने क्षेत्र से जुड़ी चार प्रमुख समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने खेल मैदान, ट्रैफिक जाम, अधूरी सड़क और अवैध भांग बिक्री जैसे मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

नायता मुंडला में खेल मैदान और स्कूल की मांग

पार्षद ने नायता मुंडला क्षेत्र के खेल मैदान पर प्रस्तावित पावर हाउस का विरोध करते हुए वहां स्कूल और खेल मैदान विकसित करने की मांग की। उनका कहना है कि क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए खेल गतिविधियों तथा शिक्षा सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।

पालदा चौराहे के जाम और अधूरी सड़क का मुद्दा

ज्ञापन में पालदा चौराहे पर पिछले लगभग दस वर्षों से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा नायता मुंडला क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई जा रही अधूरी सड़क को जल्द पूरा कराने की मांग की गई ताकि स्थानीय लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।

अवैध भांग बिक्री पर कार्रवाई की मांग

पार्षद कुणाल सोलंकी ने कुमार भट्टी क्षेत्र में कथित अवैध भांग बिक्री का मामला भी प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने इस पर प्रभावी कार्रवाई कर क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

असरावद खुर्द तालाब में नर्मदा जल पहुंचाने का प्रस्ताव

जनसुनवाई के दौरान पार्षद ने एक महत्वाकांक्षी जल प्रबंधन योजना का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि काचरोट वाल से लगभग 6 किलोमीटर तक लिफ्ट सिस्टम के माध्यम से नर्मदा जल को प्राकृतिक चैनल से असरावद खुर्द तालाब तक पहुंचाया जाए।

प्रस्ताव के अनुसार यह जल रालामंडल, बिलावली और पिपल्यापाला क्षेत्रों से होकर मध्य इंदौर तक पहुंचेगा। इससे लगभग 15 से 20 गांवों की करीब 1000 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी और शहर के बड़े हिस्से की पेयजल समस्या को भी राहत मिल सकती है।

प्रशासन ने एक सप्ताह में कार्रवाई का दिया आश्वासन

अपर कलेक्टर रोशन राय ने जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत आवेदनों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि खेल मैदान, जल आपूर्ति और अवैध नशे से संबंधित मामलों का परीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन की ओर से पार्षद को आश्वासन दिया गया है कि प्रस्तुत मुद्दों पर एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जनसुनवाई में उठाए गए इन मुद्दों को क्षेत्रीय विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है।

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