जल संरक्षण को जनआंदोलन बना रहे महापौर पुष्यमित्र भार्गव, घर-घर पहुंचकर कर रहे जनजागरण
इंदौर। जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव लगातार नागरिकों के बीच पहुंचकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने वार्ड क्रमांक-76 स्थित संपत हिल्स कॉलोनी में रहवासियों से संवाद किया और वर्षा जल संरक्षण तथा भूजल पुनर्भरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
महापौर ने नागरिकों द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में पानी का संरक्षण सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यदि अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है।
रिचार्ज शाफ्ट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर दिया जोर
संवाद कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों को रिचार्ज शाफ्ट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल पुनर्भरण की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्षा के पानी को संरक्षित कर जमीन में पहुंचाने से जल स्तर में सुधार होगा और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने रहवासियों से अपील की कि वे अपने घरों, संस्थानों और कॉलोनियों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित करें और जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास जरूरी
महापौर ने कहा कि जल संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इंदौर शहर स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में मिसाल बन चुका है और अब जल संरक्षण के क्षेत्र में भी नागरिकों की भागीदारी से नया उदाहरण स्थापित किया जा सकता है।
जनआंदोलन का रूप ले रहा अभियान
नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान को नागरिकों का भी सकारात्मक सहयोग मिल रहा है। विभिन्न कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल पुनर्भरण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि यदि प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण का संकल्प ले, तो भविष्य में जल संकट की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। इसी उद्देश्य से वे लगातार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास कर रहे हैं।
