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शतरंज में भारत की बड़ी जीत, प्रज्ञानानंदा ने जीती प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस की ट्रॉफी

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप जीतकर देश का और तमिलनाडु का मान बढ़ाया। प्रज्ञानानंदा 2013 में शुरू हुए नार्वे शतरंज टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय भी बन गए। प्रज्ञानानंदा 2013 में शुरू हुए नार्वे शतरंज टूर्नामेंट में जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्होंने दुनिया के नंबर एक और सात बार के चैंपियन कार्लसन को दो बार हराकर एक शानदार शानदार रिकॉर्ड बना लिया।

मुख्यमंत्री विजय दी जीत की बधाई

इस ऐतिहासिक जीत के बाद वापस तमिलनाडु लौटे और चेस मास्टर का शानदार तरीके से स्वागत हुआ। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा से मुलाकात की और नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतने के बाद तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण की ओर से उन्हें 50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया।

सीएम विजय ने एक बयान में कहा, ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा को नॉर्वे शतरंज 2026 टूर्नामेंट, जो ओस्लो में आयोजित हुआ था, जीतने वाले पहले भारतीय बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर मेरी हार्दिक बधाई। मैं ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानानंदा को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने तमिलनाडु और भारत दोनों को गौरवान्वित किया है और वे आगे भी कई उपलब्धियां हासिल करते रहेंगे।

टूर्नामेंट में शानदार प्रज्ञानानंदा का रिकॉर्ड

टूर्नामेंट में मौजूदा चैंपियन मैग्नस कार्लसन को दो बार हराकर और लगातार चार जीत हासिल करके एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। प्रज्ञानानंदा ने आखिरी दिन की शुरुआत 15 अंक के साथ तीसरे स्थान से की। उन्होंने सबसे अहम मौके पर बेहतरीन खेल दिखाया और क्लासिकल बाजी में जीत हासिल करके पूरे तीन अंक बटोरे।

20 साल के चेस खिलाड़ी ने रचा इतिहास

इस तरह वे 18 अंक पर पहुंचे और एलीट शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में से एक अपने नाम की। चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने वह उपलब्धि हासिल की जो 2013 में टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद और मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश जैसे खिलाड़ी भी हासिल नहीं कर पाए थे।

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