पोहा दिवस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान वायरल, बोले- सुबह 4 बजे ठेला लगाओ, 8 बजे तक पूरा पोहा बिक जाएगा
देशभर में अपने स्वादिष्ट पोहे के लिए पहचान रखने वाले इंदौर में आयोजित पोहा दिवस कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में उन्होंने पोहे को इंदौर की संस्कृति, रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कई दिलचस्प बातें कहीं।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर ऐसा शहर है जहां रात के 2 बजे भी निकल जाइए तो कहीं न कहीं पोहा खाने को मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले के समय में पोहा चावल की कमी को पूरा करने का एक अच्छा विकल्प माना जाता था और आज भी यह लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
पोहा रोजगार का भी बड़ा माध्यम
मंत्री विजयवर्गीय ने पोहे को रोजगार का एक प्रभावी साधन बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति सुबह 4 बजे शहर के किसी कोने में पोहे का ठेला लगा सकता है और अच्छी आमदनी कमा सकता है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “सुबह 4 बजे ठेला लगा दो, जब तक नगर निगम वाले उठते भी नहीं हैं, तब तक पोहा बेचकर निकल जाओ।”
उन्होंने बताया कि वे स्वयं कई बार सुबह जल्दी निकलते हैं और एलआईजी क्षेत्र में लगने वाले पोहे के ठेले को देखते हैं। उनके अनुसार वहां सुबह शुरू होने वाली बिक्री अधिकतम 8 बजे तक पूरी हो जाती है, जो पोहे की लोकप्रियता को दर्शाती है।
स्वास्थ्य और डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पोहा केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है और हल्का होने के कारण नाश्ते के लिए एक आदर्श विकल्प है।
उन्होंने कहा कि पोहा इंदौर की पहचान बन चुका है और यह न केवल हजारों लोगों को रोजगार देता है, बल्कि शहर की खाद्य संस्कृति को भी देशभर में अलग पहचान दिलाता है।
मंत्री का यह बयान कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इंदौर और पोहे के अनोखे रिश्ते को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
