Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी कब है? नोट करें सही डेट, इसी दिन से शुरू होगा चातुर्मास

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी कब है? नोट करें सही डेट, इसी दिन से शुरू होगा चातुर्मास

नई दिल्ली। सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, इसलिए इसे देवशयनी एकादशी, हरिशयनी एकादशी या पद्मा एकादशी भी कहा जाता है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होता है, जो चार महीनों तक चलता है।

देवशयनी एकादशी 2026 कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत का विधान है।

चातुर्मास कब से शुरू होगा?

देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का शुभारंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में रहते हैं। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है।

देवशयनी एकादशी का महत्व

  • भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
  • व्रत और पूजा से पापों का क्षय माना जाता है।
  • सुख, समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है।
  • चातुर्मास में भक्ति, जप, तप और दान का विशेष महत्व बढ़ जाता है।

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
  • पीले पुष्प, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
  • विष्णु सहस्रनाम एवं एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान दें।

धार्मिक मान्यता

शास्त्रों के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और देवउठनी एकादशी पर जागृत होते हैं। इसी कारण चातुर्मास की अवधि को साधना, भजन-कीर्तन, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

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