दिल्ली-नोएडा में बढ़ीं आग लगने की घटनाएं, कूलर-एसी और अन्य गैजेट बन रहे जानलेवा

दिल्ली-एनसीआर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच घरों और इमारतों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेष रूप से कूलर, एयर कंडीशनर (एसी), इनवर्टर, बैटरी सिस्टम और अन्य विद्युत उपकरण आग लगने की बड़ी वजह बनकर सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक लोड, खराब वायरिंग और उपकरणों के लंबे समय तक लगातार उपयोग से आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ा जोखिम

दिल्ली और नोएडा समेत एनसीआर के कई क्षेत्रों में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एसी, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बिजली के तारों और उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जो शॉर्ट सर्किट और आगजनी का कारण बन सकता है।

फायर सेफ्टी विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने मकानों में लगी वायरिंग और ओवरलोडेड बिजली कनेक्शन सबसे ज्यादा जोखिम पैदा करते हैं।

किन कारणों से लगती है आग?

  • एसी और कूलर का लगातार कई घंटों तक उपयोग
  • खराब या पुरानी वायरिंग
  • ओवरलोडेड मल्टी-प्लग और एक्सटेंशन बोर्ड
  • इनवर्टर और बैटरी की खराब मेंटेनेंस
  • लोकल या गैर-मानक बिजली उपकरणों का उपयोग
  • समय पर सर्विसिंग न कराना

विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग एसी और कूलर की नियमित सर्विसिंग नहीं कराते, जिससे उपकरणों के अंदर धूल जमा हो जाती है और तकनीकी खराबी का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे रखें अपने घर को सुरक्षित

फायर सेफ्टी विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है—

✔ एसी और कूलर की नियमित सर्विसिंग कराएं।
✔ बिजली के तारों और स्विच बोर्ड की समय-समय पर जांच कराएं।
✔ एक ही सॉकेट में कई भारी उपकरण न चलाएं।
✔ घर में अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) रखें।
✔ इनवर्टर और बैटरी को हवादार स्थान पर स्थापित करें।
✔ घर से बाहर जाते समय गैर-जरूरी उपकरण बंद कर दें।

फायर विभाग की अपील

अग्निशमन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विद्युत उपकरणों के उपयोग में अतिरिक्त सावधानी बरतें। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवन में एसी, कूलर और अन्य उपकरण जरूरी हैं, लेकिन उनकी सुरक्षित उपयोग पद्धति अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। समय पर रखरखाव और सतर्कता से अधिकांश आगजनी की घटनाओं को रोका जा सकता है।

गर्मी के इस मौसम में सुरक्षा को प्राथमिकता देकर ही जान-माल के नुकसान से बचा जा सकता है।

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