मानसून से पहले उत्तराखंड अलर्ट, चारधाम हेली कंपनियां देंगी 80 घंटे की मुफ्त हवाई सहायता
देहरादून। आगामी मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। चारधाम यात्रा में सेवाएं दे रही आठ हेली कंपनियां आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 80 घंटे की निःशुल्क हवाई सेवा उपलब्ध कराएंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटना और अतिवृष्टि जैसी घटनाएं अक्सर जनजीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवाएं राहत एवं बचाव कार्यों की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन जाती हैं। उपलब्ध कराए गए 80 निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर प्रभावित क्षेत्रों तक त्वरित राहत पहुंचाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाएंगे।
जानकारी के अनुसार चारधाम यात्रा के लिए चयनित प्रत्येक हेली कंपनी से 10-10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इन घंटों का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी, एयर रेस्क्यू, दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप संचालित इस व्यवस्था के तहत अप्रैल 2026 से अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। वहीं बीते एक वर्ष के दौरान विभिन्न आपदा एवं बचाव अभियानों में 200 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है।
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि हेली कंपनियों के चयन के समय ही निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर की शर्त को शामिल किया गया था, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित हवाई सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आपदा प्रबंधन के साथ-साथ चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी बेहद प्रभावी साबित हो रही है।
यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशन अमित शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान चिकित्सकीय आपात स्थिति का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से अस्पतालों और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष केवल केदारनाथ क्षेत्र से ही 100 से अधिक लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के तहत एयर रेस्क्यू सुविधा प्रदान की गई है।
प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान उपलब्ध यह हवाई सहायता व्यवस्था उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी तथा समयबद्ध बनाएगी।
