‘गौ माता को मिले राष्ट्रीय माता का दर्जा’, फर्रुखाबाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की जनजागरण यात्रा
फर्रुखाबाद। गौ माता को ‘राष्ट्रीय माता’ का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में ज्योतिषपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के नेतृत्व में विशाल जनजागरण यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, गौभक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सनातन धर्म प्रेमियों ने भाग लिया।
जनजागरण यात्रा के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गौ माता का स्थान अत्यंत पूजनीय है। उन्होंने कहा कि गौ केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और अध्यात्म की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सम्मान मिलना चाहिए और उन्हें राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाना समय की मांग है। शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकारों से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि जो भी सरकार ऐसा ऐतिहासिक निर्णय लेगी, उसे संत समाज और करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों का समर्थन मिलेगा।
उन्होंने देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी दोहराई। साथ ही गौशालाओं के संरक्षण, सुदृढ़ीकरण और विकास के लिए प्रभावी कानूनी एवं प्रशासनिक उपाय किए जाने पर जोर दिया।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने मंच और तोरण द्वार बनाकर संतों का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई और आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में अंकित तिवारी, राजेश मिश्रा, डॉ. आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ला सहित कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इससे पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य ने शीतला देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। जनजागरण यात्रा के माध्यम से गौ संरक्षण और गौ संवर्धन के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
