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कोलकाता में शुरू होगी जल मेट्रो, 44 नई जेटियां बनेंगी; बंदरगाह और जलमार्ग विकास पर बड़ा फैसला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने कोलकाता में जल मेट्रो सेवा शुरू करने की घोषणा की है। सचिवालय में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि कोलकाता जल मेट्रो परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे हुगली नदी और अन्य जलमार्गों पर यातायात को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहरी यातायात के दबाव को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।

बैठक में राज्य के जलमार्ग और बंदरगाह विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी। इसके तहत राज्य में 44 नई जेटियों का निर्माण किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय जलमार्ग से जुड़ी 25 जेटियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

इसके अलावा बागबाजार, अहिरीटोला, शोभाबाजार, मल्लिकघाट, रामकृष्णघाट और बांधाघाट सहित कई ऐतिहासिक घाटों के सौंदर्यीकरण और मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य दुर्गा पूजा से पहले इन कार्यों को पूरा करना है।

मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाने के लिए विशेष विकास योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि कपिलमुनि आश्रम के आसपास के तटीय क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में कोलकाता बंदरगाह क्षेत्र में अवैध कब्जों और गैरकानूनी गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए बंदरगाह क्षेत्र में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में ताजपुर में प्रस्तावित गहरे समुद्री बंदरगाह परियोजना को दादनपात्रघाट स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया। सरकार के अनुसार ताजपुर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं थी, जबकि दादनपात्रघाट में लगभग 1700 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिससे परियोजना को गति मिलेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि जल मेट्रो, नई जेटियों, बंदरगाह विस्तार और नदी तट विकास जैसी परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में जल परिवहन, व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। साथ ही हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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