विधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा, कोलकाता के बाद तृणमूल को एक और बड़ा झटका
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। विधाननगर नगर निगम (बीएमसी) की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे एक दिन पहले कोलकाता नगर निगम के मेयर और पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया था।
कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार दोपहर व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए नगर निगम आयुक्त को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सूत्रों के अनुसार उनके इस्तीफे की प्रति राज्य के नगर एवं शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है।
इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में कृष्णा चक्रवर्ती ने कहा कि उनका यह फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत कारणों से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सक्रिय राजनीति में बनी रहेंगी और पार्षद के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहेंगी।
विधाननगर नगर निगम की मेयर के रूप में कृष्णा चक्रवर्ती का कार्यकाल लगभग आठ महीने और शेष था। उन्होंने वर्ष 2015 से 2022 तक पहला कार्यकाल और 2022 से 2026 तक दूसरा कार्यकाल संभाला। उनके नेतृत्व में नगर निगम ने कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कोलकाता और विधाननगर जैसे दो महत्वपूर्ण नगर निकायों के मेयर पद से इस्तीफे तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकते हैं। इन घटनाओं के बाद दोनों नगर निकायों के प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि कृष्णा चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे को पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय बताया है, लेकिन उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विधाननगर नगर निगम के नए नेतृत्व की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।
