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इंदौर नगर निगम फर्जी बिल घोटाला: ED का बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

इंदौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में इस घोटाले का कथित मास्टरमाइंड और नगर निगम का पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर, ठेकेदार मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा शामिल हैं। ED ने तीनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अब तक करीब 92 करोड़ रुपये के फर्जी बिलों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। एजेंसी का दावा है कि सरकारी धन के दुरुपयोग से अर्जित संपत्तियों के दस्तावेजी प्रमाण भी मिले हैं। जांच के दौरान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित कुल 43 संपत्तियों को अटैच किया गया है। ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम से जुड़े ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स के नाम पर कथित रूप से फर्जी फाइलें और बिल तैयार कर करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त किया गया था। इस पूरे मामले की अलग से जांच इंदौर पुलिस द्वारा भी की जा रही है, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।

ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि वर्ष 2020-21 से पहले कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की नीयत से ड्रेनेज परियोजनाओं से संबंधित फर्जी दस्तावेज और बिल तैयार किए थे। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने स्वयं इस घोटाले का पता लगाकर कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद पुलिस ने भी कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

महापौर ने विश्वास जताया कि प्रवर्तन निदेशालय की जांच में इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इंदौर नगर निगम के इस बहुचर्चित घोटाले में ED की ताजा कार्रवाई के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर जांच एजेंसी की आगामी कार्रवाई और संभावित नए खुलासों पर टिकी हुई है।

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