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नौतपा में नहीं दिखी गर्मी की तपिश, 36 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में इस वर्ष नौतपा का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। आमतौर पर भीषण गर्मी और लू के लिए पहचाने जाने वाले नौतपा के पूरे नौ दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, आंधी और कई स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव ने गर्मी का असर काफी हद तक कम कर दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा और कहीं भी हीटवेव की स्थिति दर्ज नहीं की गई।

36 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार को इंदौर, उज्जैन समेत 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।

नीमच, मंदसौर और आगर-मालवा जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

33 जिलों में येलो अलर्ट

इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा सहित 33 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

10 डिग्री तक गिरा तापमान

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

मंगलवार को प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा—

  • भोपाल – 37 डिग्री सेल्सियस
  • ग्वालियर – 37 डिग्री सेल्सियस
  • उज्जैन – 37.5 डिग्री सेल्सियस
  • इंदौर – 38.2 डिग्री सेल्सियस
  • जबलपुर – 38.7 डिग्री सेल्सियस
  • खंडवा – 40.1 डिग्री सेल्सियस
  • खजुराहो – 40 डिग्री सेल्सियस

प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान पचमढ़ी रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मानसून की एंट्री में देरी के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल टर्फ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। हालांकि इस बार मानसून की गति सामान्य से धीमी है।

आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस वर्ष इसके 5 से 7 दिन देरी से आने की संभावना जताई गई है। चूंकि मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है, इसलिए मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का दौर जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

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