होर्मुज खोलने से नहीं हटेंगे प्रतिबंध, अमेरिका ने ईरान को दिया सख्त संदेश
अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि केवल होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल देने से उस पर लगाए गए आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध समाप्त नहीं किए जाएंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि प्रतिबंधों में किसी भी प्रकार की राहत के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम से जुड़े मुद्दों पर ठोस और विश्वसनीय समझौता करना होगा।
मार्को रूबियो ने अमेरिकी सांसदों के साथ चर्चा के दौरान कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के बदले प्रतिबंध हटाने का कोई प्रस्ताव ईरान को नहीं दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्राथमिक चिंता ईरान की परमाणु गतिविधियां हैं और प्रतिबंधों में ढील केवल तभी संभव होगी जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं का समाधान किया जाएगा।
परमाणु कार्यक्रम पर समझौता जरूरी
रूबियो ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गंभीर चिंताएं रखते हैं। ऐसे में केवल समुद्री व्यापार मार्ग खोलना पर्याप्त नहीं होगा। ईरान को परमाणु गतिविधियों पर पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप ठोस कदम उठाने होंगे।
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को बताया सफल
अमेरिकी विदेश मंत्री ने हाल ही में अमेरिका और इजराइल द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” अपने प्रमुख सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने में सफल रहा है।
रूबियो के अनुसार इस अभियान के दौरान ईरान के रक्षा ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची है और उसकी नौसैनिक क्षमताओं पर भी बड़ा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को लेकर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन सैन्य दृष्टि से यह सफल रहा।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की बड़ी मात्रा इसी मार्ग से होकर गुजरती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस जलमार्ग की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
तनाव कम करने की कोशिशें जारी
अमेरिका के इस बयान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। हालांकि वॉशिंगटन ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों में राहत का रास्ता केवल परमाणु मुद्दे पर सार्थक समझौते से ही निकलेगा।
इस बयान को अमेरिका की ईरान नीति के महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आर्थिक प्रतिबंधों को परमाणु वार्ता से सीधे जोड़ा गया है।
