कलेक्टर के आश्वासन पर किसानों ने खत्म किया धरना, 20 दिन में समाधान नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
पूर्वी आउटर रिंग रोड परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद अपना धरना समाप्त कर दिया। किसानों ने यह फैसला कलेक्टर शिवम वर्मा के साथ हुई चर्चा और मिले आश्वासनों के बाद लिया। हालांकि किसानों ने प्रशासन को 20 दिन का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो इससे बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
किसान प्रतिनिधियों से हुई चर्चा
प्रदर्शन के दौरान दोपहर बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने किसानों के 10 से 12 प्रतिनिधियों को अपने कक्ष में बुलाकर चर्चा की। करीब एक घंटे तक चली बैठक में किसानों ने अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे। बैठक के बाद किसान नेताओं ने धरनास्थल पर लौटकर आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
कलेक्टर ने दिए तीन महत्वपूर्ण आश्वासन
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिला स्तर पर परियोजना को निरस्त करना संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि यदि व्यापक स्तर पर विरोध जारी रहा तो शासन स्तर पर परियोजना की समीक्षा या निरस्तीकरण पर विचार किया जा सकता है। किसानों की मांग शासन तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया गया।
दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु परियोजना के अलाइनमेंट को लेकर रहा। कलेक्टर ने माना कि कई स्थानों पर बंजर भूमि को छोड़कर उपजाऊ कृषि भूमि को अधिग्रहण में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अलाइनमेंट में बदलाव की संभावना पर भी विचार किया जाएगा।
तीसरे आश्वासन के तहत कलेक्टर ने कहा कि अगले 15 से 20 दिनों के भीतर किसानों के प्रतिनिधियों के साथ पुनः बैठक की जाएगी। तब तक अधिग्रहित भूमि पर किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीं किया जाएगा और किसानों की सहमति के बिना आगे की कार्रवाई नहीं होगी।
किसान बोले- टकराव नहीं, समाधान चाहिए
किसान नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य प्रशासन से टकराव करना नहीं, बल्कि अपनी उपजाऊ जमीन को बचाना है। उन्होंने प्रशासन को वैकल्पिक मार्ग सुझाते हुए कहा कि सड़क निर्माण किया जाए, लेकिन खेती योग्य भूमि को बचाकर।
किसानों का कहना है कि वर्तमान अलाइनमेंट में बदलाव आवश्यक है और वे किसी भी स्थिति में उपजाऊ जमीन देने को तैयार नहीं हैं। फिलहाल कलेक्टर के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया है, लेकिन तय समय सीमा में समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सुबह से जारी रहा विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि सोमवार सुबह से ही करीब 44 गांवों के लगभग 1200 किसान कलेक्टर कार्यालय के बाहर एकत्र हुए थे। किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया, सड़क पर लोट लगाकर विरोध जताया और चक्काजाम भी किया।
भीषण गर्मी के दौरान एक बुजुर्ग किसान की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
सिंहस्थ 2028 से जुड़ी है परियोजना
पूर्वी आउटर रिंग रोड परियोजना को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। ऐसे में अब सभी की नजरें प्रशासन और किसानों के बीच होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं। यदि समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
