मेरिट्रॉनिक्स का ₹70 करोड़ का IPO खुला, 8 जून को हो सकती है लिस्टिंग; निवेशकों के लिए बड़ा मौका
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की कंपनी Meritronics Limited का ₹70.03 करोड़ का IPO सोमवार से निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक इस पब्लिक इश्यू में 3 जून तक आवेदन कर सकेंगे। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 8 जून को BSE SME प्लेटफॉर्म पर हो सकती है।
कंपनी ने IPO के लिए ₹141 से ₹149 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में कुल 47 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। लॉट साइज 1,000 शेयर रखा गया है, जबकि रिटेल निवेशकों को न्यूनतम दो लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए लगभग ₹2.98 लाख का निवेश आवश्यक होगा।
IPO का अलॉटमेंट 4 जून को प्रस्तावित है, जबकि सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर 5 जून को क्रेडिट किए जाएंगे। इसके बाद कंपनी के शेयर 8 जून को बाजार में सूचीबद्ध हो सकते हैं।
इश्यू स्ट्रक्चर की बात करें तो Qualified Institutional Buyers (QIBs) के लिए 49.91 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। वहीं रिटेल निवेशकों के लिए 30.02 प्रतिशत और Non-Institutional Investors (NIIs) के लिए 15.05 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 5.02 प्रतिशत हिस्सा मार्केट मेकर के लिए सुरक्षित रखा गया है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले तीन वर्षों में Meritronics Limited ने लगातार बेहतर वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 3.05 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 8.66 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2025-26 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर 16.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी की कुल आय 86.01 करोड़ रुपये रही, जो अगले वर्ष बढ़कर 114.04 करोड़ रुपये हुई। वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 156.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि कंपनी के ऊपर कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी पर 15.82 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2025-26 में बढ़कर 43.20 करोड़ रुपये हो गया। इसके बावजूद कंपनी की नेटवर्थ में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। तीन वर्षों में नेटवर्थ 7.58 करोड़ रुपये से बढ़कर 52.52 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कंपनी का EBITDA भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में 6.73 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया गया था, जो 2025-26 में बढ़कर 27.22 करोड़ रुपये हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि और बढ़ते मुनाफे के कारण यह IPO निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। हालांकि निवेश से पहले कंपनी के कर्ज और SME सेगमेंट से जुड़े जोखिमों का आकलन करना भी जरूरी होगा।





