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रायसेन से आज शुरू होगा राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’, किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक खेती की सीख

किसानों को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार का राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ आज से शुरू हो रहा है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के ग्राम रामसिया से किया जाएगा। अभियान का नेतृत्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं।

किसानों को सिखाई जाएगी टिकाऊ खेती

अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान गांव-गांव पहुंचकर किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देंगे।

खेतों में होगा लाइव प्रदर्शन

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केवल सलाह देने से बदलाव नहीं आएगा, बल्कि खेत स्तर पर प्रदर्शन और प्रयोगों के माध्यम से किसानों का विश्वास जीतना होगा। अभियान के दौरान मिट्टी परीक्षण, स्वाइल हेल्थ कार्ड, हरी खाद का उपयोग, फसल विविधीकरण, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक खेती और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन किया जाएगा।

नकली खाद और बीज से बचाव पर फोकस

अभियान के दौरान किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की पहचान करने के तरीके भी बताए जाएंगे। इसके लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, ताकि किसान आर्थिक नुकसान से बच सकें और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों का उपयोग कर सकें।

सरकारी योजनाओं से भी जोड़े जाएंगे किसान

‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया जाएगा। इनमें किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, स्वाइल हेल्थ कार्ड, मिनी बीज किट वितरण, दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण योजनाएं प्रमुख हैं।

धरती मां की उर्वरा शक्ति बचाने का अभियान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि धरती हमारी मां है और यही हमें अन्न, फल एवं सब्जियां प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है। ऐसे में किसानों को वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खाद का उपयोग करना चाहिए और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए।

30 जून तक चलेगा अभियान

देशभर में 1 जून से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि तथा किसान संगठनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। सरकार को उम्मीद है कि यह अभियान कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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