EWS विसंगतियों को लेकर सवर्ण सेना का हल्ला बोल, कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) से जुड़ी प्रक्रियागत विसंगतियों और विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सवर्ण सेना ने शनिवार को इंदौर कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे ‘हल्ला बोल आंदोलन’ का नाम देते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और EWS व्यवस्था में सुधार की मांग की।
EWS प्रमाण पत्र प्रक्रिया को बताया जटिल
सवर्ण सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में EWS प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल है। अनावश्यक दस्तावेजों की मांग, आयकर रिटर्न (ITR) की अनिवार्यता, प्रमाण पत्र की कम वैधता अवधि और प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक शुल्क जैसी समस्याओं के कारण विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों के लिए सुविधाओं की मांग
संगठन का कहना है कि EWS वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हॉस्टल सुविधा, यात्रा भत्ता और प्रतियोगी परीक्षाओं में राहत जैसी सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा आयु सीमा में छूट नहीं मिलने से भी कई अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं।
8 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें—
- EWS प्रमाण पत्र प्रक्रिया का सरलीकरण
- एकल खिड़की (Single Window) व्यवस्था लागू करना
- ITR की अनिवार्यता समाप्त करना
- प्रमाण पत्र की वैधता 3 वर्ष करना
- छात्रवृत्ति और हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराना
- प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस में छूट या माफी
- यात्रा भत्ता उपलब्ध कराना
- आयु सीमा में विशेष राहत देना
जैसी मांगें शामिल हैं।
लोकतांत्रिक तरीके से अधिकारों की आवाज
सवर्ण सेना पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी जाति या वर्ग के विरोध में नहीं है, बल्कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों, युवाओं और परिवारों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
