अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ का जश्न शुरू होने से पहले विवादों में घिरा, कई कलाकारों ने किया किनारा

अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला भव्य समारोह शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। राजधानी वाशिंगटन के नेशनल मॉल में आयोजित होने वाले ‘द ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर’ से कई प्रसिद्ध संगीतकारों ने अपना नाम वापस ले लिया है, जिससे आयोजन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

25 जून से शुरू होगा महोत्सव

आयोजकों के अनुसार इस भव्य आयोजन का संचालन फ्रीडम 250 नामक संगठन द्वारा किया जा रहा है। संगठन की प्रवक्ता डेनियल अल्वारेज ने बताया कि समारोह 25 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलेगा।

इस महोत्सव का उद्देश्य अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्षों की उपलब्धियों, संस्कृति और विरासत का उत्सव मनाना है।

ट्रंप करेंगे उद्घाटन समारोह का नेतृत्व

फ्रीडम 250 संगठन ने पुष्टि की है कि अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump 24 जून को आयोजित उद्घाटन समारोह का नेतृत्व करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कार्यक्रम को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है और वह स्वयं इसकी कमान संभालेंगे।

कई कलाकारों ने वापस लिया नाम

रिपोर्टों के अनुसार इस आयोजन में कई प्रसिद्ध कलाकारों और संगीत समूहों को प्रस्तुति देनी थी। इनमें कब्राइड, ब्रेट माइकल्स, यंग एमसी, मॉरिस डे एंड द टाइम तथा द कमोडोर्स जैसे नाम शामिल थे।

हालांकि शुक्रवार शाम तक इन कलाकारों ने कार्यक्रम से हटने की घोषणा कर दी। कुछ कलाकारों का आरोप है कि उन्हें कार्यक्रम की प्रकृति और स्वरूप के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी और उन्हें गुमराह किया गया।

आयोजकों ने आरोपों को बताया निराधार

फ्रीडम 250 संगठन ने कलाकारों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। संगठन का कहना है कि कार्यक्रम पूरी तरह से अमेरिकी स्वतंत्रता, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के उत्सव पर केंद्रित है।

संगठन की प्रवक्ता रचेल रीसनर ने कहा कि यह आयोजन सभी अमेरिकियों का उत्सव है और इसका उद्देश्य देश के हर हिस्से को एक मंच पर लाना है।

ट्रंप ने कलाकारों पर साधा निशाना

कलाकारों के कार्यक्रम से हटने के फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ कलाकार प्रस्तुति देने से डर रहे हैं और उन्होंने उन्हें “निम्नतम श्रेणी के कलाकार” तक करार दिया।

ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद विवाद और बढ़ गया है तथा सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है।

राष्ट्रीय उत्सव पर राजनीति की छाया

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ जैसा ऐतिहासिक आयोजन राजनीतिक विवादों और वैचारिक मतभेदों की वजह से चर्चा का विषय बन गया है।

जहां आयोजक इसे राष्ट्रीय एकता का उत्सव बता रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

फिलहाल आयोजन की तैयारियां जारी हैं और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगामी सप्ताहों में कार्यक्रम को लेकर और कौन-कौन से घटनाक्रम सामने आते हैं।

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