दिल्ली में जल नवाचार को मिलेगी नई उड़ान, सोमवार को लॉन्च होंगे ‘महा मिशन’ और ‘भारत-विन पोर्टल’
भारत में जल अनुसंधान, नवाचार और जल प्रबंधन को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार को राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस दौरान जल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘महा मिशन’ और ‘भारत-विन पोर्टल’ का शुभारंभ किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन Ministry of Jal Shakti द्वारा दिल्ली स्थित Dr. Ambedkar International Centre में किया जाएगा, जिसमें सरकार, उद्योग जगत, शिक्षा जगत और अनुसंधान संस्थानों के प्रमुख प्रतिनिधि भाग लेंगे।
जल नवाचार को बढ़ावा देने की पहल
जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार ‘जल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला’ का उद्देश्य देश में जल नवाचार की अगली लहर को गति देना और अनुसंधान आधारित समाधान विकसित करना है।
कार्यशाला के दौरान जल शक्ति मंत्रालय और Indian Space Research Organisation के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे जल संसाधनों की निगरानी और प्रबंधन में उपग्रह आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
क्या है ‘महा मिशन’?
मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज फॉर वॉटर (MAHA Mission) जल शक्ति मंत्रालय और Anusandhan National Research Foundation की संयुक्त पहल है।
इस मिशन का उद्देश्य पेयजल, जलवायु परिवर्तन, जल उपयोग दक्षता और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।
स्टार्टअप्स को मिलेगा नया मंच
कार्यक्रम में भारत-विन (Bharat-WIN) पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा। यह पोर्टल जल क्षेत्र में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स और एमएसएमई को अपने उत्पादों, प्रोटोटाइप और नवाचारों को विकसित करने तथा सरकारी सहयोग प्राप्त करने का अवसर देगा।
इसके तहत स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए ओपन इनविटेशन प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
लॉन्च होगा ‘कैच द रेन’ डिजिटल प्लेटफॉर्म
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से ‘Catch the Rain’ नामक सहभागी डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया जाएगा।
यह प्लेटफॉर्म नागरिकों, स्थानीय निकायों और संस्थाओं को वर्षा जल संचयन तथा जल संरक्षण गतिविधियों को दर्ज करने और साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा।
केंद्रीय मंत्री करेंगे उद्घाटन
कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Jitendra Singh तथा जल शक्ति राज्य मंत्री Raj Bhushan Choudhary संयुक्त रूप से करेंगे।
इस अवसर पर इसरो अध्यक्ष V. Narayanan सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे।
तकनीकी सत्रों में होगी गहन चर्चा
राष्ट्रीय कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें—
- भूजल प्रबंधन
- नदी आकृति विज्ञान (River Morphology)
- बाढ़ मैदान मानचित्रण
- बांध सुरक्षा
- शहरी जलभृत मानचित्रण
- जल प्रशासन में रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग
जैसे विषय शामिल हैं।
प्रदर्शनी में दिखेंगे अत्याधुनिक समाधान
कार्यक्रम के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जहां अनुसंधान संस्थान, स्टार्टअप्स और एमएसएमई जल संरक्षण एवं सतत जल प्रबंधन के लिए विकसित अपनी नवीनतम तकनीकों और समाधानों का प्रदर्शन करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत में जल अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और जल संरक्षण को नई गति देने के साथ-साथ भविष्य की जल चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत आधार तैयार करे






