नॉर्वे चेस 2026: गुकेश ने सेलिंग के बीच मनाया 20वां जन्मदिन, ग्रैंडमास्टर्स बने ‘नाविक’
नॉर्वे चेस 2026 के विश्राम दिवस पर दुनिया के दिग्गज शतरंज खिलाड़ियों ने बिसात और मोहरों से दूर हटकर ओस्लोफ्योर्ड की लहरों पर सेलिंग रेस का रोमांचक अनुभव लिया। इस खास मौके पर मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने अपना 20वां जन्मदिन भी मनाया, जिससे यह दिन खिलाड़ियों के लिए और भी यादगार बन गया।
शतरंज छोड़ नाविक बने ग्रैंडमास्टर्स
नॉर्वे चेस की पारंपरिक गतिविधियों के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में खिलाड़ियों को दो टीमों में बांटा गया। सेलिंग प्रतियोगिता का उद्देश्य खिलाड़ियों को मानसिक दबाव से राहत देना, टीमवर्क बढ़ाना और मनोरंजन का अवसर प्रदान करना था।
इस आयोजन में भारत के डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद, कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख सहित नॉर्वे के दिग्गज मैग्नस कार्लसन, वेस्ली सो, विंसेंट कीमर, अन्ना मुज़ीचुक, बिबिसारा अस्साउबायेवा और झू जिनर जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने भाग लिया।
वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा
नॉर्वे चेस में खिलाड़ियों को मुकाबलों के तनाव से दूर रखने के लिए हर साल अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। पिछले वर्षों में खिलाड़ी कुकिंग प्रतियोगिता, ट्रैक्टर चलाना, गाय दुहना, तीरंदाजी, फेंसिंग और ‘चेस काउबॉय चैलेंज’ जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले चुके हैं।
इस बार का आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि 13 वर्षों बाद नॉर्वे चेस का आयोजन ओस्लो में हो रहा है, जबकि इससे पहले यह लंबे समय तक स्टावेंजर में आयोजित होता रहा था।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने राजदूत से की मुलाकात
विश्राम दिवस के दौरान भारतीय ग्रैंडमास्टर्स और नॉर्वे चेस प्रतिनिधिमंडल ने ओस्लो स्थित भारत के राजदूत से भी मुलाकात की। इस दौरान आयोजित विशेष संवाद सत्र में भारत और नॉर्वे के बीच खेल और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
अब विश्राम दिवस के बाद खिलाड़ियों का फोकस एक बार फिर शतरंज की बिसात पर लौटेगा, जहां नॉर्वे चेस 2026 के आगामी मुकाबलों में खिताबी जंग और रोमांचक होने की उम्मीद है।





