म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग भारत दौरे पर: पीएम मोदी से 1 जून को होगी अहम वार्ता
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शुक्रवार को अपनी पांच दिवसीय भारत यात्रा पर बिहार के बोधगया पहुंचेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा मानी जा रही है। इस दौरान वे 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
म्यांमार के राष्ट्रपति का पहला पड़ाव बिहार का बोधगया रहेगा। वे सुबह गया एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें होटल ले जाया जाएगा। इसके बाद वे लगभग 11 बजे महाबोधि मंदिर पहुंचकर शिष्टमंडल के साथ पूजा-अर्चना और परिभ्रमण करेंगे।
बोधगया दौरे के दौरान राष्ट्रपति बर्मीज विहार, महाबोधि धम्म एकता मोनास्ट्री और सुजाता मंदिर मतंगवापी सहित कई धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच बौद्ध सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती दे सकती है।
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग को 1 जून को इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन में भी शामिल होना था, लेकिन अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के प्रकोप के चलते प्रस्तावित भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। इसी कारण आईबीसीए सम्मेलन भी टाल दिया गया है। हालांकि, उनकी आधिकारिक भारत यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।
1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान दोनों नेता भारत-म्यांमार संबंधों, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
इसके बाद 2 जून को राष्ट्रपति मुंबई पहुंचेंगे, जहां वे उद्योग और व्यापार से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का दौरा करेंगे।
गौरतलब है कि यू मिन आंग ह्लाइंग म्यांमार के 11वें राष्ट्रपति और पूर्व सैन्य कमांडर हैं। उन्होंने फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के जरिए निर्वाचित नेता आंग सान सू ची की सरकार को हटाकर सत्ता संभाली थी। अप्रैल 2026 में वे आधिकारिक रूप से म्यांमार के राष्ट्रपति बने।






