उतार-चढ़ाव के बीच शेयर बाजार में तेजी, शुरुआती दबाव के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल
घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बीच तेजी का रुख देखने को मिला। बाजार की शुरुआत मिश्रित संकेतों के साथ हुई, लेकिन शुरुआती दबाव के बाद खरीदारी लौटने से दोनों प्रमुख सूचकांक संभल गए। पहले एक घंटे के कारोबार के बाद बाजार हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि NIFTY 50 में 0.15 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में कैसा रहा बाजार?
बीएसई सेंसेक्स ने 120.71 अंकों की बढ़त के साथ 75,988.51 अंक पर कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती खरीदारी के चलते सूचकांक 76,220.02 अंक तक पहुंचा, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से यह 75,817.50 अंक तक फिसल गया। हालांकि, दोबारा खरीदारी लौटने से सुबह 10:15 बजे तक सेंसेक्स 214.96 अंक मजबूत होकर 76,082.76 अंक पर कारोबार करता दिखा।
वहीं, एनएसई निफ्टी ने मामूली कमजोरी के साथ 23,902.15 अंक पर शुरुआत की। शुरुआती तेजी में यह 24,002.80 अंक तक पहुंचा, लेकिन मुनाफावसूली के दबाव में 23,871.10 अंक तक गिर गया। बाद में रिकवरी के साथ सुबह 10:15 बजे निफ्टी 36.75 अंक चढ़कर 23,943.90 अंक पर कारोबार करता नजर आया।
आईटी शेयरों में शानदार खरीदारी
बाजार में शुरुआती एक घंटे के कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। Infosys, Wipro, HCL Technologies, Tata Consultancy Services और Trent Limited के शेयरों में 1.77 प्रतिशत से लेकर करीब 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, Oil and Natural Gas Corporation, Bharat Electronics Limited, Bharti Airtel, Max Healthcare और SBI Life Insurance के शेयरों में गिरावट का रुख बना रहा।
बाजार की चौड़ाई कैसी रही?
शुरुआती कारोबार में कुल 2,817 शेयरों में एक्टिव ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें 1,478 शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,339 शेयर लाल निशान में बने हुए थे। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 17 में तेजी और 13 में गिरावट रही, जबकि निफ्टी के 50 शेयरों में 24 बढ़त और 26 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेत और आईटी शेयरों में खरीदारी के कारण घरेलू बाजार में रिकवरी देखने को मिली है। हालांकि निवेशकों की नजर अब आगे के वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।






