नेपाल के इतिहास में पहली बार गणतंत्र दिवस पर PM का संबोधन नहीं: राष्ट्रपति ने किया राष्ट्र को संबोधित
नेपाल में इस बार गणतंत्र दिवस समारोह एक ऐतिहासिक बदलाव के कारण चर्चा में रहा। देश के गणतंत्र इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री ने संबोधन नहीं दिया। इसके बजाय राष्ट्रपति Ram Chandra Paudel ने राष्ट्र को संबोधित किया।
Nepal में गणतंत्र दिवस का आयोजन सैनिक मंच टुँडिखेल में विशेष समारोह के साथ किया गया। अब तक यह परंपरा रही थी कि समारोह को प्रधानमंत्री संबोधित करते थे, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री Balen Shah ने मंत्रिपरिषद से निर्णय कराकर राष्ट्रपति से औपचारिक रूप से समारोह को संबोधित करने का अनुरोध किया। इसके लिए राष्ट्रपति कार्यालय को पत्र भी भेजा गया था।
सरकारी निर्णय के अनुसार अब से गणतंत्र दिवस समारोह को राष्ट्रपति संबोधित करेंगे। इसी नई व्यवस्था के तहत इस वर्ष राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने देश को संबोधित किया।
विशेष समारोह में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्य, सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख, कूटनीतिक प्रतिनिधि और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। इस दौरान नेपाली सेना, नेपाल प्रहरी और सशस्त्र प्रहरी बल की ओर से परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की जगह राष्ट्रपति का संबोधन करवाने का फैसला नेपाल की संवैधानिक और औपचारिक परंपराओं में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसे राज्य प्रमुख की भूमिका को अधिक महत्व देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि नेपाल में 2006 में राजतंत्र समाप्त होने और देश को संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किए जाने के बाद से गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री ही मुख्य संबोधन देते रहे थे। ऐसे में इस वर्ष की नई व्यवस्था को ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।





