इंदौर में आकांक्षा योजना पर छात्रों का हंगामा, भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर कलेक्टर ऑफिस के पास धरने पर बैठे

Indore में आकांक्षा योजना के हितग्राही छात्रों ने कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को NEET कोचिंग देने वाली एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्र कलेक्टर ऑफिस के पास धरने पर बैठे हैं।
धरने पर बैठे छात्र हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि आदिवासी और गरीब छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेता पवन अहिरवार ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों से छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी जांच के नाम पर छात्रों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों को बार-बार आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
छात्रों के अनुसार, आकांक्षा योजना के तहत उन्हें टैबलेट, मॉड्यूल, स्टेशनरी और नियमित कोचिंग सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिसंबर में बुलाया गया, जबकि गाइडलाइन के अनुसार सितंबर में कोचिंग शुरू होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि NEET की तैयारी के कारण उनका 11वीं कक्षा का सिलेबस भी प्रभावित हुआ है और अब तक किसी छात्र को टैबलेट तक उपलब्ध नहीं कराया गया।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
- 24 माह की NEET कोचिंग पूर्ण रूप से कराई जाए।
- एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल समाप्त किया जाए।
- शिकायतों में दर्ज बयान छात्रों के सामने प्रस्तुत किए जाएं।
- बिना मॉड्यूल, टैबलेट और कोचिंग के बिल पास होने की जांच हो।
- कोचिंग संस्था और शिक्षकों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
- संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
वहीं, एसडीएम घनश्याम धनगर ने कहा कि छात्रों की शिकायतों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि हॉस्टल और कोचिंग से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए टीम गठित की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






