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ईरान युद्ध के बाद होर्मुज से गुजरा जापान का पहला तेल टैंकर, सुरक्षित आइची प्रांत पहुंचा

Japan का एक तेल टैंकर ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार Strait of Hormuz से गुजरते हुए सुरक्षित रूप से आइची प्रांत पहुंच गया है। सोमवार को पहुंचे इस जहाज को ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ईरान संघर्ष के बाद इस अहम समुद्री मार्ग से आवाजाही काफी प्रभावित हुई थी।

जानकारी के अनुसार, यह टैंकर जापान की प्रमुख रिफाइनर कंपनी Idemitsu Kosan Co., Ltd. की एक इकाई का है और इसमें करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था। यह मात्रा जापान की एक दिन की घरेलू तेल मांग का लगभग 80 प्रतिशत बताई जा रही है। जहाज का चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है, जिसमें तीन जापानी नागरिक भी शामिल हैं।

जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव Minoru Kihara ने इसे ऊर्जा आपूर्ति स्थिर रखने की दिशा में सकारात्मक खबर बताया। उन्होंने कहा कि जापान ने ईरान से आग्रह किया था कि वह सभी देशों के जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध मार्ग सुनिश्चित करे।

सरकारी जानकारी के अनुसार, फारस की खाड़ी में अभी भी जापान के 39 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें से एक पर जापानी चालक दल भी मौजूद है। सरकार का कहना है कि सभी जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।

बताया गया है कि ‘इडेमित्सु मारू’ नामक यह जहाज फरवरी के अंत में फारस की खाड़ी में पहुंचा था और सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर मार्च की शुरुआत में रवाना हुआ। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण इसे अबू धाबी तट के पास रोक दिया गया था। बाद में 28 अप्रैल को जहाज इस जलडमरूमध्य से होकर निकला और भारत के समुद्री क्षेत्र तथा मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरते हुए जापान पहुंचा।

गौरतलब है कि जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए फारस की खाड़ी से मिलने वाले तेल पर काफी निर्भर है। हाल के महीनों में तेल कीमतों में बढ़ोतरी के प्रभाव को कम करने के लिए जापान ने अपने रणनीतिक आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार का भी इस्तेमाल किया है।

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