ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई का बड़ा बयान, कहा- खाड़ी देश अब अमेरिका को नहीं देंगे पनाह
Iran के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि मध्य-पूर्व के देश अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे। हज यात्रा की शुरुआत के अवसर पर जारी अपने लिखित संबोधन में उन्होंने खाड़ी क्षेत्र और दुनिया में उभर रही नई भू-राजनीतिक व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अब अमेरिका के लिए इस क्षेत्र में सैन्य अड्डे स्थापित करने हेतु कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बचेगी और क्षेत्र में उसका प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजराइल का अस्तित्व खतरे में है और क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदल रहा है।
गौरतलब है कि अपने पिता Ali Khamenei की हत्या के बाद सर्वोच्च नेता घोषित किए जाने के 10 सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। हालांकि इस दौरान उन्होंने कई लिखित संदेश जारी किए हैं, जिनमें क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक हालात पर अपने विचार व्यक्त किए गए हैं।
खामेनेई का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। वहीं इस वर्ष का हज ऐसे दौर में हो रहा है, जब अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान के तनावपूर्ण संबंधों ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को प्रभावित किया है। बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।






