नॉर्वे शतरंज 2026 में भारतीयों का दमदार आगाज: प्रज्ञानानंद, गुकेश और दिव्या ने आर्मागेडन में जीती बाजी

Norway Chess 2026 की शुरुआत रोमांचक मुकाबलों के साथ हुई, जहां पहले ही दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत आगाज किया। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर्स R Praggnanandhaa, D Gukesh और Divya Deshmukh ने आर्मागेडन मुकाबलों में जीत दर्ज कर अतिरिक्त अंक अपने नाम किए।

टूर्नामेंट के पहले दौर का सबसे बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब फ्रांस के Alireza Firouzja ने विश्व नंबर-1 Magnus Carlsen को क्लासिकल मुकाबले में मात दे दी। लंबे समय तक कार्लसन मजबूत स्थिति में नजर आ रहे थे, लेकिन समय के दबाव में हुई एक बड़ी गलती का फायदा उठाकर फिरोजा ने शानदार जीत दर्ज की और अंक तालिका में बढ़त बना ली।

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद का क्लासिकल मुकाबला Wesley So के खिलाफ ड्रॉ रहा। इसके बाद हुए आर्मागेडन टाईब्रेकर में प्रज्ञानानंद ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए जीत दर्ज की और अतिरिक्त अंक हासिल किए।

वहीं मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश का मुकाबला जर्मनी के शीर्ष खिलाड़ी Vincent Keymer से हुआ। एंडगेम में कीमर मजबूत स्थिति में दिखे और जीत के करीब पहुंच गए थे, लेकिन गुकेश ने बेहतरीन बचाव करते हुए मुकाबला ड्रॉ कराया। इसके बाद आर्मागेडन मुकाबले में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण अंक बटोरे।

महिला वर्ग में दिव्या देशमुख की दमदार जीत

महिला वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावित किया। कजाकिस्तान की Bibisara Assaubayeva ने भारत की शीर्ष खिलाड़ी Koneru Humpy को क्लासिकल मुकाबले में हराकर बड़ा उलटफेर किया।

दूसरी ओर, Anna Muzychuk और Zhu Jiner के बीच क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन आर्मागेडन में झू जिनर ने जीत दर्ज की।

भारत की युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख का मुकाबला मौजूदा महिला विश्व चैंपियन Ju Wenjun से हुआ। क्लासिकल गेम बराबरी पर समाप्त होने के बाद आर्मागेडन में दिव्या ने संयम और सटीक रणनीति का शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।

प्रतियोगिता 25 मई से 5 जून तक ओस्लो में आयोजित की जा रही है। पुरुष और महिला वर्ग में छह-छह खिलाड़ी डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में हिस्सा ले रहे हैं। टूर्नामेंट की खासियत इसका आर्मागेडन प्रारूप है, जिसमें क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ होने पर विजेता तय करने के लिए टाईब्रेकर खेला जाता है, जिससे हर दौर में निर्णायक परिणाम सुनिश्चित होता है।

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