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डॉग बाइट के बढ़ते मामलों से दहशत, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने और तुरंत इलाज की सलाह

शहर सहित मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई लोग अपनी कॉलोनियों और गलियों में निकलने से भी घबराने लगे हैं। सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्तों के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है।

डॉग अटैक के अधिकतर मामलों में छोटे बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहले जहां लोग कुत्ते के काटने के बाद सामान्य इलाज और इंजेक्शन से ठीक हो जाते थे, वहीं अब कई मामलों में स्थिति गंभीर होने के साथ मौत तक की नौबत भी आ रही है। मध्य प्रदेश में बढ़ते डॉग बाइट मामलों ने लोगों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ा दी है।

बढ़ते मामलों को लेकर लाल अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.के. पटेल ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। सबसे पहले घाव को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना जरूरी है और बिना देरी किए एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना चाहिए, ताकि संक्रमण और रेबीज जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।

डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी कि पालतू कुत्तों का समय-समय पर वैक्सीनेशन करवाना बेहद जरूरी है। अस्पतालों में रोजाना डॉग बाइट के कई मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ी है। विशेषज्ञों ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने, आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध कुत्ते के संपर्क से बचने की अपील की है।

प्रदेश में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नागरिकों ने प्रशासन से भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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