प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत सुभाषित साझा कर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में प्रधानमंत्री ने प्रकृति की कृपा, सूर्यदेव की ऊर्जा और वर्षा के आशीर्वाद से सभी के जीवन में खुशहाली आने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि प्रकृति की कृपा, सूर्यदेव की ऊर्जा और वर्षा का आशीर्वाद हम सभी के जीवन को सुख-सौभाग्य से समृद्ध करें। उन्होंने कामना की कि धरती पर सदैव हरियाली और खुशहाली बनी रहे।
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में संस्कृत का यह सुभाषित साझा किया—
“शं नो देवः सविता त्रायमानः शं नो भवन्तुषसो विभातिः।
शं नः पर्जन्यो भवतु प्रजाभ्यः शं नः क्षेत्रस्य पतिरस्तु शम्भुः॥”
इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजस्वी रक्षक सविता देव हम पर कृपा करें, उज्ज्वल सूर्योदय हमारे जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आए तथा वर्षा के देवता पर्जन्य जनकल्याण की रक्षा करें। साथ ही खेतों, फसलों और भूमि के स्वामी सभी को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है और लोग इसे प्रकृति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना से जोड़कर देख रहे हैं।






