फालता में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, देबांग्शु ने 1.09 लाख वोटों से CPM को हराया; TMC चौथे स्थान पर
West Bengal की फालता विधानसभा सीट पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु ने 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल करते हुए नया राजनीतिक समीकरण बना दिया। उन्हें करीब 1.49 लाख वोट मिले, जबकि CPM उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी लगभग 40 हजार वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चुनाव से पीछे हटने की घोषणा करने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे और उन्हें 7,783 वोट मिले। हालांकि, रीपोलिंग के दौरान EVM में उनका नाम और चुनाव चिह्न मौजूद था।
फालता सीट पर 21 मई को 285 बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया था। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, रीपोलिंग में 88.13% मतदान दर्ज किया गया, जो 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान के 86.71% से अधिक था।
दोबारा मतदान क्यों कराना पड़ा?
29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद फालता में भारी विवाद खड़ा हो गया था। कई बूथों पर आरोप लगे कि EVM में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर टेप चिपकाया गया था। जांच के दौरान कम-से-कम 60 बूथों में छेड़छाड़ के संकेत मिले। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्रों के वेब कैमरा फुटेज से कथित छेड़छाड़ की शिकायत भी सामने आई, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने रीपोलिंग का फैसला लिया।
पहली बार फालता में खिला कमल
फालता सीट पर भाजपा ने पहली बार जीत दर्ज की है। यह सीट कभी CPM का गढ़ मानी जाती थी, लेकिन 2011 के बाद से यहां TMC का दबदबा कायम था। TMC ने 2001 में पहली बार सीट जीती थी, जबकि 2006 में CPM ने वापसी की थी।
फालता, दक्षिण 24 परगना जिले का हिस्सा है, जहां कुल 31 विधानसभा सीटें हैं। जिले की अन्य सीटों पर भी भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 10 सीटों पर जीत दर्ज की है।
राज्य में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन के बीच भाजपा पहले ही बहुमत हासिल कर चुकी है। फालता में जीत के बाद पार्टी का आंकड़ा 208 सीटों तक पहुंच गया है, जबकि TMC को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।






