पंजाब गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक संकट की ओर बढ़ रहा: भाजपा का मान सरकार पर हमला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर राज्य को गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक संकट की ओर धकेलने का आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के समय पंजाब पर करीब ₹2.7 लाख करोड़ का कर्ज था, जो अब 2027 तक ₹4.5 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशंका है।
‘पुराने कर्ज चुकाने में जा रहा नया कर्ज’
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि पंजाब सरकार हर साल भारी कर्ज ले रही है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज और ब्याज भुगतान में खर्च हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की आय का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जा रहा है, जबकि विकास कार्यों पर खर्च लगातार घट रहा है।
भाजपा के अनुसार, 2026-27 में पंजाब को करीब ₹42,000 करोड़ से अधिक केवल कर्ज अदायगी पर खर्च करने पड़ सकते हैं, जिसमें लगभग ₹29,000 करोड़ ब्याज भुगतान के लिए होंगे।
वेतन, पेंशन और अनुदान में देरी का आरोप
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में वेतन, पेंशन और विभिन्न अनुदानों में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के शिक्षक, पंजाब विश्वविद्यालय, सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी, मनरेगा मजदूर और आशा कार्यकर्ता भुगतान में देरी को लेकर परेशानी झेल रहे हैं।
भाजपा ने दावा किया कि डीए बकाया, मानदेय और प्रोत्साहन राशि को लेकर कई वर्ग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
‘पंजाब की समृद्ध पहचान पर संकट’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कभी कृषि, उद्योग और शिक्षा के लिए पहचाने जाने वाला पंजाब आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विश्वविद्यालय, मजदूर, पेंशनभोगी और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वित्तीय चुनौतियों को नजरअंदाज कर प्रचार और राजनीतिक दिखावे पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
AAP सरकार की ओर से नहीं आया जवाब
फिलहाल भाजपा के आरोपों पर पंजाब सरकार या आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राज्य सरकार पहले भी वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है।






