पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर खरगे का केंद्र पर हमला, बोले- संकट के बीच जनता को लूटा जा रहा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार ईंधन के दाम बढ़ाकर लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
‘बीते 10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम’
मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यह कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है कि भारत में ईंधन की कीमतें कई देशों की तुलना में कम हैं।
खरगे ने दावा किया कि संकट के समय कई देशों ने टैक्स घटाकर या राहत पैकेज देकर जनता को राहत दी, जबकि भारत में लगातार दाम बढ़ाए जा रहे हैं।
इन देशों का दिया उदाहरण
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच इटली, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन और आयरलैंड जैसे देशों ने ईंधन पर टैक्स में कटौती या सब्सिडी देकर नागरिकों को राहत पहुंचाई। इसके विपरीत भारत में ईंधन कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
महंगाई और बढ़ने का जताया खतरा
खरगे ने कहा कि देश में महंगाई पहले से ही बड़ी समस्या बनी हुई है और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की लागत भी बढ़ेगी। उन्होंने दावा किया कि इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, किसानों, छोटे व्यापारियों और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा।
एक महीने में कई बार बढ़े दाम
उल्लेखनीय है कि बीते कुछ हफ्तों में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में कई बार वृद्धि की गई है। 23 मई को दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 99.51 रुपये और डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। वहीं CNG की कीमत में भी 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है।
करों में कटौती की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर करों में कटौती कर आम जनता को राहत देने की मांग की है।






