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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच समझौते के संकेत, ट्रंप की सैन्य शक्तियों पर अंकुश लगाने में डेमोक्रेट असफल

ईरान-अमेरिका को मनाने के प्रयासों में प्रगति के संकेत, डेमोक्रेट ट्रंप की शक्तियों पर अंकुश नहीं लगा पाए

Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद शांति समझौते की दिशा में प्रगति के संकेत मिलने लगे हैं। पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच कई मध्यस्थ देशों द्वारा दोनों पक्षों को टकराव से पीछे हटाने की कोशिशें जारी हैं। इसी बीच अमेरिका में राष्ट्रपति Donald Trump की सैन्य शक्तियों पर अंकुश लगाने की डेमोक्रेट्स की कोशिश सफल नहीं हो सकी।

समझौते के लिए जारी है बैकडोर बातचीत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान और वाशिंगटन के बीच कई देशों की मध्यस्थता से बातचीत जारी है। दोनों पक्ष संघर्ष समाप्त करने के लिए औपचारिक समझौते का ढांचा तैयार करने की दिशा में मसौदे और संदेश साझा कर रहे हैं।

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि समझौता करीब है, हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि अभी किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचने की बात कहना जल्दबाजी होगी।

मार्को रूबियो ने दिए सकारात्मक संकेत

Marco Rubio ने गुरुवार को कहा कि समझौते को लेकर “कुछ अच्छे संकेत” मिल रहे हैं।

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान यूरेनियम भंडार खत्म नहीं करता, तो अमेरिका “बहुत कड़े कदम” उठा सकता है।

ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर रोक का प्रयास विफल

अमेरिका में डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने के लिए ईरान युद्ध विधेयक पर मतदान कराने की कोशिश की, लेकिन हाउस रिपब्लिकन ने इसे फिलहाल रोक दिया।

यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता, तो राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई सीमित करने और पश्चिम एशिया संघर्ष में पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता था।

अब इस मतदान को जून तक टाल दिया गया है

डेमोक्रेट्स ने लगाया “राजनीतिक खेल” का आरोप

डेमोक्रेट सांसद Gregory Meeks ने कहा:

“हमारे पास पर्याप्त संख्या बल था, इसलिए रिपब्लिकन राजनीतिक खेल खेल रहे हैं।”

डेमोक्रेटिक नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर रिपब्लिकन पार्टी पर आरोप लगाया कि वह ट्रंप प्रशासन की “पूरी तरह सहायक कंपनी” की तरह काम कर रही है।

रिपब्लिकन ने दी सफाई

हाउस रिपब्लिकन नेता Steve Scalise ने कहा कि मतदान इसलिए टाला गया ताकि अनुपस्थित सांसदों को भी वोट देने का अवसर मिल सके।

वहीं, हाउस स्पीकर Mike Johnson ने इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संभावित समझौते को लेकर अब वैश्विक नजरें अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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