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इटली पहुंचे पीएम मोदी, रोम से साझा की तस्वीरें; भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर रहेगा चर्चा के केंद्र में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंच गए। प्रधानमंत्री ने रोम पहुंचने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए कुछ खास तस्वीरें भी पोस्ट कीं। बुधवार को स्वदेश लौटने से पहले पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे।

IMEC कॉरिडोर रहेगा चर्चा का मुख्य केंद्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में बताया कि इस यात्रा का मुख्य फोकस भारत और इटली के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना होगा। साथ ही ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा’ (IMEC) पर विशेष चर्चा की जाएगी।

पीएम मोदी ने लिखा कि इस दौरे के दौरान संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा भी की जाएगी। इसके अलावा वह संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के मुख्यालय का दौरा भी करेंगे, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

मेलोनी ने किया खास स्वागत

इटली पहुंचने पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक्स पर पीएम मोदी का स्वागत करते हुए लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!” दोनों नेताओं के बीच हाल के वर्षों में मजबूत होते रिश्तों को देखते हुए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले पीएम मोदी जून 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भी इटली गए थे।

क्या है IMEC और क्यों है इतना खास?

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) एक महत्वाकांक्षी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जिसकी घोषणा सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी।

इस परियोजना का उद्देश्य भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच व्यापार, परिवहन और आर्थिक संपर्क को तेज करना है। यह परियोजना समुद्री, रेल और सड़क नेटवर्क के जरिए देशों को जोड़ेगी।

IMEC को दो हिस्सों में बांटा गया है—

  • पूर्वी गलियारा: भारत के बंदरगाहों को समुद्री मार्ग से यूएई और सऊदी अरब जैसे मध्य पूर्वी देशों से जोड़ेगा।
  • उत्तरी गलियारा: सऊदी अरब, जॉर्डन और इजराइल के हाइफा बंदरगाह के जरिए यूरोप तक कनेक्टिविटी स्थापित करेगा।

इस पहल में भारत, अमेरिका, यूएई, सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली और इजराइल शामिल हैं। खास बात यह है कि यह परियोजना सिर्फ माल ढुलाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि हाई-स्पीड डेटा और इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए सबमरीन केबल नेटवर्क भी इसका हिस्सा होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि IMEC के जरिए भारत और यूरोप के बीच व्यापार का समय और लागत दोनों कम हो सकती हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी।

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