बलोचिस्तान में बढ़ा तनाव! BLA ने क्वेटा-ताफ्तान हाईवे पर कब्जे का किया दावा, जाफर एक्सप्रेस दूसरे दिन भी रद्द

पाकिस्तान के अशांत बलोचिस्तान प्रांत में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। आजादी समर्थक विद्रोही संगठन बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग (एन-40/एम-40) पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया है। संगठन के मुताबिक यह कार्रवाई 10 से 17 मई के बीच सात दिन तक चले हिंसक संघर्ष के बाद संभव हुई।

सात दिनों तक चली हिंसक झड़पें

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार मस्तुंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान और वाशुक जैसे क्षेत्रों में लगातार गोलीबारी और विस्फोट की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान पाकिस्तान सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच कई बार मुठभेड़ हुई।

15 मई को मस्तुंग जिले के नुश्की के पास शेख वासिल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पुल को विस्फोट कर उड़ा दिया गया। वहीं, खनिज ढुलाई से जुड़े ट्रकों, सेना के काफिलों और लॉजिस्टिक सप्लाई वाहनों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।

BLA ने संसाधनों के शोषण का लगाया आरोप

बीएलए ने दावा किया है कि क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग लंबे समय से बलोचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों के कथित शोषण के लिए इस्तेमाल होता रहा है। संगठन ने कहा कि उसने इस मार्ग पर रणनीतिक नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

हालांकि, पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और सुरक्षा एजेंसियों ने आधिकारिक रूप से नियंत्रण खोने की पुष्टि नहीं की है।

क्यों अहम है क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग?

यह राजमार्ग बलोचिस्तान की राजधानी क्वेटा को ईरान सीमा से जुड़े ताफ्तान शहर से जोड़ता है। यह पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक और ट्रांजिट मार्ग माना जाता है, जो ईरान के जरिए तुर्किये और यूरोप तक संपर्क स्थापित करता है।

इसके अलावा सैंदक और रेको डिक जैसी खनन परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की आवाजाही के लिए भी यह प्रमुख मार्ग है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन यहां कई बार रात में यात्रा पर प्रतिबंध लगाता रहा है।

जाफर एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन रद्द

इस बीच क्वेटा और पेशावर के बीच चलने वाली जाफर एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन भी रद्द कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए ट्रेन सेवा फिलहाल स्थगित रखी गई है।

बताया जा रहा है कि पेशावर-क्वेटा जाफर एक्सप्रेस को अपने निर्धारित मार्ग की बजाय जैकबाबाद से वापस लौटाया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने कहा कि हालात की समीक्षा के बाद ही ट्रेन सेवा बहाल करने पर फैसला लिया जाएगा।

सुरक्षा और व्यापार पर असर की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर पाकिस्तान-ईरान व्यापार, खनन गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। बलोचिस्तान पहले से ही लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करता रहा है।

Share

Similar Posts